संवाददाता-अरविन्द कुमार
लोकेशन-मुरादाबाद
मुरादाबाद। संभल जामा मस्जिद के सदर और संभल दंगे के आरोपी जफर अली ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIM) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम के बाद संभल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

जामा मस्जिद पार्क में आयोजित AIMIM की विशाल जनसभा के दौरान जफर अली पार्टी सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी के साथ मंच पर मौजूद रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जफर अली के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की। इस दौरान ओवैसी और जफर अली ने एक साथ मंच साझा किया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार AIMIM आगामी चुनावों में जफर अली को संभल विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बना सकती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जफर अली का क्षेत्र में मजबूत जनाधार है और उनके शामिल होने से पार्टी को संभल में मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संभल दंगे के आरोपी और जामा मस्जिद के सदर का AIMIM में शामिल होना क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है। इसे मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
जनसभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अल्पसंख्यकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ओवैसी ने मंच से कहा कि AIMIM कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज बुलंद करती रहेगी।
जफर अली के AIMIM में शामिल होने के बाद संभल की सियासत में नए समीकरण बनने तय माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि अन्य दल इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाते हैं।




