दैनिक अयोध्या टाईम्स दयानन्द कुमार
जनपद हापुड़
गढ़मुक्तेश्वर/सिंभावली क्षेत्र में अवैध खनन का मामला एक बार फिर सामने आया है। अनूपशहर शाखा गंगा नहर की पटरी पर खनन माफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किए जाने से वन विभाग द्वारा लगाए गए दर्जनों पौधे नष्ट हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने थाना सिंभावली में तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम हरोड़ा निवासी नीरज कुमार पुत्र अमोलक राम समेत खनन माफियाओं द्वारा नहर की पटरी से भारी मात्रा में मिट्टी निकालकर उसे डंपरों के माध्यम से आसपास के खाली प्लॉटों में भराव के लिए ले जाया जा रहा था। इस दौरान नहर पटरी पर वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाए गए करीब 20 से 25 शीशम, चिरौंजी तथा अन्य प्रजातियों के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए। बताया जा रहा है कि मिट्टी से लदे भारी वाहनों की आवाजाही और खनन गतिविधियों के कारण पौधे पूरी तरह टूटकर नष्ट हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन दरोगा सचिन कुमार एवं बीट प्रभारी तेजपाल सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। जांच के दौरान अवैध खनन और पौधों को नुकसान पहुंचाने के साक्ष्य मिलने पर विभाग ने थाना सिंभावली में लिखित तहरीर देकर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
वन क्षेत्र अधिकारी करन सिंह का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है। अवैध खनन से न केवल सरकारी भूमि और नहर पटरी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विभाग ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी नहर पटरी पर लगातार हो रहे अवैध खनन पर चिंता व्यक्त करते हुए थाना प्रभारी सुरेश कुमार सिम्भावली से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।






