मुरादाबाद। नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नई दिशा देते हुए कूड़े का उपयोग अब विकास कार्यों में शुरू कर दिया है।
रामपुर रोड स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में स्थापित सीएंडडी यानी कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट प्लांट में ईंट, पत्थर और निर्माण संबंधी मलबे से सीसी टाइल्स तैयार की जा रही हैं।
प्लांट का ट्रायल सफल हो चुका है। शुरुआती चरण में 3 लाख सीसी टाइल्स बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 100 टन सीएंडडी वेस्ट से टाइल्स बनाने की है।
नगर निगम इन टाइल्स का उपयोग अपने विभिन्न वार्डों में होने वाले विकास कार्यों में करेगा। शहर में कूड़े के साथ आने वाले ईंट-पत्थर के अलावा अतिक्रमण हटाने और जब्त की गई निर्माण सामग्री का भी इसमें उपयोग किया जा रहा है।
कैसे बन रही हैं टाइल्स
लेगेसी वेस्ट की छंटाई के दौरान प्लास्टिक, धातु और अन्य अनुपयोगी सामग्री अलग कर दी जाती है। बची हुई मिट्टी में सीमेंट व अन्य मिश्रण मिलाकर सांचों में ढाला जाता है। निर्धारित समय तक सेट होने के बाद गुणवत्ता परीक्षण कर इन्हें विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि कूड़े से निकलने वाले ईंट-पत्थर को निस्तारित कर उसका उपयोग टाइल्स बनाने में शुरू हो गया है। निगम अपनी सड़कों में इनका उपयोग करेगा।
नगर निगम अब टेंडरों में यह शर्त भी शामिल कर रहा है कि ठेकेदार अपनी आवश्यकता की कम से कम 50 प्रतिशत सीसी टाइल्स निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से ही खरीदेंगे।




