एनसीआर ब्यूरो रिपोर्ट गाजियाबाद
गाजियाबाद। गाजियाबाद के मोदीनगर में सुदामापुरी कॉलोनी में शुक्रवार शाम को बंदरों के झुंड ने मकान की छत पर बने बाथरुम की दीवार गिरा दी। दीवार का मलबा सड़क पर खडे़ होकर मांगलिक कार्यक्रम देख रहे लोगों पर जा गिरा। सिर पर ईट गिरने से एक महिला की मौत हो गई,जबकि आठ लोग घायल हुए है।
महिला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। पूरा मामला मोदीनगर का है जहां सुदामापुरी वेदप्रकाश कुमार परिवार सहित रहते है। उनके पुत्र संदीप कुमार की शादी दो नवंबर को होनी है। शुक्रवार शाम को उनके घर पर मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। कॉलोनी की कुछ महिलाएं सड़क पर खड़ी होकर मांगलिक कार्यक्रम देख रही थी।
करीब सात बजे बंदरों का झंड़ आया और उत्पात मचाना शुरु कर दिया। इसी बीच बंदरों के उत्पात से मकान के छत पर बना बाथरुम की दीवार गिर गई। दीवार का मलबा सड़क पर खड़े होकर मांगलिक कार्यक्रम देख रहे एक दर्जन से अधिक लोगों के ऊॅपर जा गिरा। मलबा गिरते ही चीख पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। एक महिला की सिर पर दो ईट गिर गई। आसपास के लोगों ने घायलों को स्थानीस अस्पताली में भर्ती कराया।

जहां पर महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की शिनाख्त 42 वर्षीय राजकुमारी पत्नी अशोक कुमार निवासी सुदामापुरी के रुप में हुई। जबकि कॉलोनी निवासी सोमा देवी,बीना,बबीता,प्रमोद कुमार ,ममता पत्नी प्रमोद ,दो वर्षीय बच्चा नीत ,ममता देवी ,जयवीरी घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।पूर घटनाक्रम अशोक कुमार अपनी पत्नी राजकुमारी व 19 वर्षीय पुत्र निखिल के साथ रहते है।
अशोक कुमार ने बताया कि राजकुमारी पड़ोस में हो रही शादी समारोह में भात देखने के लिए चली गई। इसी बीच यह हादसा हो गया। उनका कहना है कि अब परिवार में सबकुछ खत्म हो गया है। बेटे निखिल का अपनी मां को याद करके बार बार बेहोश हो रहा है। अशोक कुमार ने इसे प्राकृतिक आपदा मानकर कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
मोदीनगर शहर की आबादी करीब ढाई लाख है। शहर में इन दिनों बंदरों का आंतक चरम पर है। एक अनुमान के तहत शहर में 50 हजार से अधिक बंदर है। बंदर रोजाना 30 लोगों को काटकर घायल कर रहे है। पिछले दिनों नगर पालिका परिषद द्वारा बंदर पकडवाने का अभियान चलाया गया था,लेकिन एक सप्ताह में ही बंद हो गया। नगर पालिका परिषद एक बंदर पकड़ने के लिए 150 रुपए का भुगतान कर रही थी।बंदरों के हमले से एकाएक कई हादसे हुए है। इसकों को लेकर प्रशासन गंभी है। बंदरों को पकड़ने के लिए शासन स्तर से पत्राचार किया जाएगा। वहीं अजीत सिंह उपजिलाधिकारी ने बयाया जल्द ही बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरु होने की उम्मीद है।







