जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।

दिल्ली में 1 महीने से ज्यादा की फीस नहीं मांग सकते निजी स्कूल : रेखा गुप्ता

स्कूलों को नोटिस बोर्ड पर लगाने के आदेश

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, May 2, 2026

दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले से दिल्ली के अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों को साफ निर्देश दिया है कि वे किसी भी अभिभावक को एक बार में एक महीने से ज्यादा फीस जमा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

शिक्षा निदेशालय ने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों से दो महीने, तीन महीने या एडवांस में फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं. इससे कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है.

आदेश में साफ कहा गया है कि अगर कोई अभिभावक अपनी इच्छा से एक महीने से ज्यादा फीस एक साथ जमा करना चाहता है, तो स्कूल इसकी अनुमति दे सकते हैं, लेकिन निजी स्कूल इसे अनिवार्य नहीं बना सकते. इस फैसले से उन अभिभावकों को राहत मिलेगी जिन्हें 3 महीने की फीस जमा करने के लिए परेशान होना पड़ता था. शिक्षा निदेशालय ने साफ कहा है स्कूलों को अपने अपने पेमेंट सिस्टम में बदलाव कर उसे मासिक आधार पर करना होगा. इसके साथ ही यह भी कहा है कि फीस ज्यादा महीनों की एक साथ जमा न करने पर किसी छात्र के दाखिले, पढ़ाई जारी रखने या किसी सुविधा को नहीं रोका जा सकता.

सभी स्कूलों को यह आदेश 7 दिन में अपने नोटिस बोर्ड पर लगाने और अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है. नियम नहीं मानने वाले स्कूलों के खिलाफ दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट और नियमों के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. सरकार ने अपने आदेश में 10 अप्रैल 2013 में जारी हाई कोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया है, जिसमें कोर्ट ने स्कूलों को एक महीने आधार पर फीस लेने का निर्देश दिया गया था.

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