संवाददाता:- फरीद अहमद
किशनगंज। पौआखाली नगर पंचायत क्षेत्र में निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों द्वारा मेडिकल कचरे के गलत तरीके से निस्तारण का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के बावजूद कई जगहों पर उपयोग किए गए चिकित्सकीय सामान खुले में फेंके जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
नगर के शीशागाछी में सड़क किनारे इस्तेमाल की गई सिरिंज, सुई, ग्लूकोज बोतल, खून लगे कॉटन और अन्य मेडिकल अपशिष्ट पड़े देखे गए। लोगों का कहना है कि इससे इलाके में बदबू फैल रही है और संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है।
लोगों के अनुसार खुले में पड़े इस मेडिकल कचरे के संपर्क में आवारा पशु भी आ रहे हैं। भोजन की तलाश में कचरे में मुंह मारने के दौरान पशुओं के शरीर में नुकीली सुइयां और अन्य खतरनाक सामग्री जाने का खतरा बना रहता है।
लोगों ने यह भी बताया कि हवा चलने पर हल्का कचरा आसपास के घरों और गलियों तक पहुंच जाता है। चूंकि कई क्लीनिक रिहायशी इलाके में संचालित हो रहे हैं, इसलिए नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के तहत मेडिकल कचरे के सुरक्षित निष्पादन की व्यवस्था तय है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जांच कर दोषी संस्थानों पर कार्रवाई की मांग की है। नगर प्रशासन ऐसे लापरवाही करने वाले के खिलाफ कार्रवाई कब करेंगी।






