लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात की मौत, - राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर ABPSS की केंद्र सरकार से पुनः पहल - किशनपुर हरिपुर से छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होगी डाक कांवड़ - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा - राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठकलोहिया अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात की मौत, - राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर ABPSS की केंद्र सरकार से पुनः पहल - किशनपुर हरिपुर से छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होगी डाक कांवड़ - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा - राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

सरकारी नोटिस के बाद जागा Meta, कहा- CSAM Content पर हमारी Zero Tolerance Policy

भारत सरकार के सख्त नोटिस के बाद मेटा ने बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट (CSAM) के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति अपनाने का आश्वासन दिया है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, July 5, 2026

मेटा कंपनी ने भारत सरकार के सख्त नोटिस पर अपनी सफाई दी है। कंपनी के प्रवक्ता ने एनडीटीवी से कहा कि बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSAM) को लेकर उनकी नीति जीरो-टॉलरेंस की है, चाहे वह कोई विज्ञापन हो या फिर कोई सामान्य पोस्ट।
मेटा ने बताया कि वे इस तरह के गलत कंटेंट को खुद ढूंढने और अपराधियों को पकड़ने के लिए उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, उनके 3.5 अरब यूजर्स के बीच छिपकर काम करने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए उनकी विशेषज्ञ टीमें लगातार काम कर रही हैं।
सरकार की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी कंटेंट और विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया था। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मेटा ने 7 दिनों के भीतर इस पर पूरी जानकारी के साथ जवाब नहीं दिया, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट, 2012 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने कंपनी के उस एल्गोरिदम को भी तुरंत सुधारने को कहा है जो इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा दे रहा था।

बीबीसी की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला एक बीबीसी रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इंस्टाग्राम और फेसबुक के विज्ञापन नियमों के खिलाफ जाकर बच्चों के शोषण वाले वीडियो को बढ़ावा दिया जा रहा था। जांच में पाया गया कि इंस्टाग्राम पर बकायदा पैसे देकर रेप वीडियो और चाइल्ड वीडियो जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेज दिया जाता था, जहां ऐसा गलत और गैर-कानूनी कंटेंट बेचा जा रहा था।
कमाई वाले विज्ञापनों पर मेटा की होगी जवाबदेही
सरकार ने मेटा से कड़े सवाल पूछे हैं कि आखिर इस तरह के विज्ञापनों को मंजूरी कैसे मिली और भविष्य में इसे रोकने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मेटा इस मामले में यह कहकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती कि यह कंटेंट किसी तीसरे पक्ष का है। चूंकि इन विज्ञापनों को दिखाने के बदले मेटा कंपनी को मोटी कमाई होती है, इसलिए अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो इन विज्ञापनों के लिए मेटा को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले