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दिल्ली में सजी महाकवि गोपाल दास ‘नीरज’ के गीतों की महफिल

‘कारवां गीतों का… नीरज’ में गूंजे कालजयी गीत, केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल रहे मुख्य अतिथि

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, October 6, 2026

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में रविवार को हिंदी के प्रख्यात कवि एवं पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ की कालजयी रचनाओं से सजी सुरमयी शाम ने साहित्य, संगीत और सिनेमा जगत को एक मंच पर ला दिया। ‘कारवां गीतों का… नीरज’ कार्यक्रम में कलाकारों ने नीरज के अमर गीतों और कविताओं को सुरों में पिरोकर महाकवि की साहित्यिक विरासत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट और सोनवी इवेंट्स, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय सहित साहित्य, कला, संगीत और सिनेमा जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। मंच से जैसे ही नीरज के लोकप्रिय गीतों की स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा माहौल भावुक और संगीतमय हो उठा।

कालजयी गीतों ने बांधा समां

कार्यक्रम में ‘कारवां गुजर गया’, ‘फूलों के रंग से’ और ‘ए भाई जरा देख के चलो’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गीतों के माध्यम से नीरज की रचनात्मक दुनिया, उनका प्रेम, संवेदना, जीवन-दर्शन और मानवीय भावनाएं एक बार फिर जीवंत हो उठीं। नीरज उन विरले कवियों में शामिल रहे, जिन्होंने साहित्य की सीमाओं को पार कर कविता और सिनेमा के बीच एक मजबूत सेतु कायम किया। उनके गीत आम आदमी की भावनाओं का हिस्सा बने और कई पीढ़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई।

एस.पी. सिंह बघेल ने नीरज को किया नमन

मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि ‘कारवां गीतों का… नीरज’ महज गीत-संगीत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस महान कवि को स्मरण करने का अवसर है, जिसने हिंदी के शब्दों को ऐसी आवाज दी, जो पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी। उन्होंने कहा कि नीरज के गीतों और विचारों के कारवां को आगे बढ़ाने का प्रयास साहित्य और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी रचनाएं आज भी लोगों को प्रेम, संवेदना और मानवीय मूल्यों से जोड़ती हैं।

उपेन्द्र राय बोले—नीरज सदी के महाकवि

कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने महाकवि गोपाल दास नीरज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नीरज के बारे में कहने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। उन्होंने नीरज को ‘सदी का महाकवि’ बताते हुए कहा कि उनके गीत आज भी उतने ही प्रभावशाली और कालजयी हैं। उन्होंने कहा कि वे नीरज जी के परिवार का हिस्सा हैं और गोपाल दास नीरज फाउंडेशन के संरक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उपेन्द्र राय ने नीरज की रचनाओं को अपनी प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बताते हुए उनकी पंक्तियों ‘छिप-छिप अश्रु बहाने वालों’ और ‘कुछ सपनों के मर जाने से जीवन मरा नहीं करते’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीरज का साहित्य केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को समझने और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने तथा जीवन में प्रेम और करुणा को स्थान देने की अपील की।

शब्दों का कारवां आज भी जारी

गोपाल दास ‘नीरज’ की रचनाओं में प्रेम, संवेदना, संघर्ष, जीवन-दर्शन और आम आदमी के अनुभवों का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद उनके गीतों और कविताओं की लोकप्रियता आज भी कायम है। दिल्ली में आयोजित इस विशेष शाम ने यह संदेश फिर दोहराया कि कवि भले ही दुनिया से विदा हो जाए, लेकिन उसके शब्दों का कारवां कभी नहीं रुकता। महाकवि नीरज की अमर रचनाएं आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेम, संवेदना व मानवीय मूल्यों की राह दिखा रही हैं।

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