फर्रुखाबाद।
शनिवार सुबह जनपद के नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। सुबह करीब सवा नौ बजे सीएमओ के अचानक अस्पताल पहुंचने पर वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा सहित एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला, जबकि तमाम मरीज इलाज के लिए परिसर और बेंचों पर घंटों इंतजार करते नजर आए।

रजिस्टर में मिली बड़ी धांधली और गैरहाजिरी
सीएमओ ने सबसे पहले अस्पताल की लैब का मुआयना किया, जहां एलटी सुनील शुक्ला अचानक सीएमओ को देख भौचक्के रह गए। उन्होंने सुनील शुक्ला से संबंधित जानकारी की। इसके बाद सीएमओ ने लेबर रूम, इमरजेंसी रूम और स्टॉक रूम के दस्तावेजों की जांच की गई। जब अधीक्षक कक्ष में उपस्थिति रजिस्टर की पड़ताल की गई, तो वहां बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। रजिस्टर में उन कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद मिले जो अस्पताल से गायब थे, जिनमें एलए धीरेंद्र प्रताप, डेंटल विभाग के अमित कुमार, तथा नर्स नीलम व शीला सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
अधीक्षक और कर्मचारियों को सख्त निर्देश
अस्पताल में एक भी चिकित्सक के न मिलने पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा सहित लगभग एक दर्जन अनुपस्थित डॉक्टर्स व कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज की। सीएमओ आनंद उपाध्याय ने सभी अनुपस्थित कर्मियों को समय पर अस्पताल पहुंचकर अपने कर्तव्यों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। साथ ही अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा को अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नियंत्रण रखने और समय पर उपस्थित होने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल के भवन की मरम्मत जल्द
अस्पताल की टपकती हालत को लेकर सीएमओ ने बताया कि भवन के जीर्णोद्धार का इस्टीमेट बनवाकर भेज दिया गया है, और जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।
इस औचक निरीक्षण के दौरान सुबह सवा नौ बजे तक फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव, वार्डबॉय अजय कुमार द्वितीय, एलटी सुनील शुक्ला, दिलीप, डॉक्टर अजीत, विनेश, नर्स आरती, विजय और विवेक कुमार ही मौके पर उपस्थित मिले। सीएमओ की इस कठोर कार्रवाई से लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।





