फर्रुखाबाद।
जनपद फर्रुखाबाद के कस्बा नवाबगंज स्थित मोहम्मदाबाद रोड के माया मैरेज लॉन में आयोजित दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भजन-कीर्तन, धार्मिक कथा, बच्चों की प्रतियोगिताओं और मटकी फोड़ कार्यक्रम ने महोत्सव को खास बना दिया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पूरा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार तड़के सुबह साढ़े चार बजे भगवान श्रीकृष्ण की मंगला आरती के साथ हुआ। इसके बाद सुबह साढ़े सात बजे श्रृंगार आरती का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।

बच्चों की प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कला प्रतियोगिता के साथ मिट्टी की मटकी सजाने की प्रतियोगिता बच्चों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक ढंग से मटकियां सजाईं। प्रतियोगिता का परिणाम शनिवार को घोषित किया जाएगा। विजेता एवं प्रतिभागी बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
धार्मिक पुस्तकों और वस्त्रों के स्टॉल भी बने आकर्षण
महोत्सव परिसर में कथा पंडाल के भीतर धार्मिक पुस्तकों और धार्मिक वस्त्रों के विभिन्न स्टॉल लगाए गए। यहां श्रीकृष्ण, भगवद्गीता और धार्मिक साहित्य से जुड़ी पुस्तकों की श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई।
हरे कृष्ण-हरे राम के संकीर्तन पर झूमे श्रद्धालु
शाम होते ही इस्कॉन मंदिर मथुरा, कानपुर और दिल्ली से पहुंचे कृष्ण भक्तों ने भजन और नाम संकीर्तन शुरू किया। जैसे-जैसे संकीर्तन आगे बढ़ा, पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। भक्तों के साथ बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु भी संकीर्तन में झूमते और नृत्य करते नजर आए। पंडाल में ‘हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे’ तथा ‘गोविंद जय जय, गोपाल जय जय’ के उद्घोष से वातावरण कृष्णमय हो गया। मथुरा से आए भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की कथा का गुणगान किया, जिसे श्रद्धालुओं ने भाव और श्रद्धा के साथ सुना।

मटकी फोड़ में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया हिस्सा
शाम को आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम में भी लोगों ने जमकर आनंद लिया। बच्चों के साथ नवजवानों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

आधी रात को जन्मे कान्हा, गूंजा जयघोष
रात 12 बजते ही जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। पूरा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के जन्म की खुशी में उत्सव मनाया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने महोत्सव में पहुंचे श्रद्धालुओं से शनिवार को आयोजित होने वाले नंदोत्सव में भी बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उधर कस्बा कम्पिल के गीतज्ञान आश्रम सहित विभिन्न मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। अमृतपुर क्षेत्र में भी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

20 स्वचालित कृष्ण झांकियां बनीं आकर्षण
फर्रुखाबाद समेत राजेपुर, शमसाबाद, कमालगंज, मोहम्मदाबाद और कायमगंज में भी जन्माष्टमी को लेकर आकर्षक कृष्ण झांकियां तैयार की गईं। सीपी गेस्ट हाउस में झांकियों की तैयारी कर रहे बांके बिहारी डेकोरेटर्स के प्रोपराइटर बालकृष्ण ने बताया कि श्रद्धालुओं के आकर्षण को ध्यान में रखते हुए कुल 20 स्वचालित झांकियां तैयार की गई हैं। इन झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिलेभर में देर रात तक मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भक्ति का माहौल बना रहा। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। नवाबगंज के माया मैरेज लॉन में आयोजित महोत्सव में उमड़ी भीड़ और आधी रात को कृष्ण जन्म के दौरान दिखा उत्साह इस बात की गवाही देता रहा कि ‘कान्हा के जन्म की खुशी में पूरा फर्रुखाबाद कृष्णमय हो उठा।’






