कच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत,परिवार में मचा कोहराम - पुलिस गश्त के दावों के बीच एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी,पुलिस ग़स्ती की खुली पोल, उच्चाधिकारी अब भी नहीं लेंगे संज्ञान - ब्लाक अध्यक्ष रावेन्द्र प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा को मिली जिम्मेदारी - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ सम्पन्न। - राजेंद्र प्रधान बने भाकियू देहात के हापुड़ जिला अध्यक्ष, सैकड़ों किसानों ने थामा संगठन का दामनकच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत,परिवार में मचा कोहराम - पुलिस गश्त के दावों के बीच एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी,पुलिस ग़स्ती की खुली पोल, उच्चाधिकारी अब भी नहीं लेंगे संज्ञान - ब्लाक अध्यक्ष रावेन्द्र प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा को मिली जिम्मेदारी - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ सम्पन्न। - राजेंद्र प्रधान बने भाकियू देहात के हापुड़ जिला अध्यक्ष, सैकड़ों किसानों ने थामा संगठन का दामन

कच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत,परिवार में मचा कोहराम

पक्का मकान बनने से पहले उजड़ गया परिवार का आशियाना

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, August 18, 2026

फर्रुखाबाद

जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज नगर के मोहल्ला चांदनी में मंगलवार तड़के करीब चार बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से 22 वर्षीय युवती की मौत हो गई, जबकि परिवार के कई अन्य सदस्य घायल हो गए। इस घटना से पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है।

मलबे में दबने से हुई मौत

मोहल्ला चांदनी निवासी नरेश चंद का परिवार अभी कच्चे मकान में रह रहा है। मंगलवार सुबह करीब चार बजे परिवार के लोग मकान के अंदर और बाहर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। हादसे के वक्त उपनेश, उसकी पुत्री किट्टू, मुन्नी देवी, मोनी और ज्योति समेत परिवार के सदस्य मलबे की चपेट में आ गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। अभिषेक, गौतम, अवनीश, सुखदेव, दीपू, सेवाराम और आनंद समेत अन्य स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे में गंभीर रूप से दबी 22 वर्षीय ज्योति को परिजन आनन-फानन में ई-रिक्शा से नवाबगंज के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन शव को वापस घर ले आए। मृतका के भाई उपनेश ने बताया कि वे लोग रात में कच्चे मकान के बाहर पड़ी पन्नी के नीचे सो रहे थे। सुबह लगभग सवा चार बजे अचानक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे सभी लोग दब गए।

परिवार में सबसे छोटी थी ज्योति

परिजनों के अनुसार मृतका ज्योति (22) अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसके पिता नरेश चंद और मां मुन्नी देवी हैं। उसके भाई उपनेश, सुखवीर और दीपक हैं, जबकि बहन पूजा की शादी हो चुकी है। खास बात यह है कि ज्योति और उसका भाई दीपक एक ही समय पैदा हुए थे। जवान बेटी की अचानक हुई मौत से मां मुन्नी देवी और पिता नरेश चंद का रो-रोकर बुरा हाल है।

अधूरा रह गया पक्के आशियाने का सपना

परिजनों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को पक्का मकान स्वीकृत हुआ था। नए आवास का निर्माण कार्य भी चल रहा है, लेकिन मकान पूरा होने से पहले ही परिवार पुराने कच्चे मकान में रह रहा था। एक तरफ जहां नया पक्का आशियाना तैयार हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ कच्चे मकान की एक दीवार ने परिवार की सबसे छोटी बेटी की जान ले ली।

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