कच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत,परिवार में मचा कोहराम - पुलिस गश्त के दावों के बीच एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी,पुलिस ग़स्ती की खुली पोल, उच्चाधिकारी अब भी नहीं लेंगे संज्ञान - ब्लाक अध्यक्ष रावेन्द्र प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा को मिली जिम्मेदारी - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ सम्पन्न। - राजेंद्र प्रधान बने भाकियू देहात के हापुड़ जिला अध्यक्ष, सैकड़ों किसानों ने थामा संगठन का दामनकच्चे मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत,परिवार में मचा कोहराम - पुलिस गश्त के दावों के बीच एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी,पुलिस ग़स्ती की खुली पोल, उच्चाधिकारी अब भी नहीं लेंगे संज्ञान - ब्लाक अध्यक्ष रावेन्द्र प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा को मिली जिम्मेदारी - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ सम्पन्न। - राजेंद्र प्रधान बने भाकियू देहात के हापुड़ जिला अध्यक्ष, सैकड़ों किसानों ने थामा संगठन का दामन

पुलिस गश्त के दावों के बीच एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी,पुलिस ग़स्ती की खुली पोल, उच्चाधिकारी अब भी नहीं लेंगे संज्ञान

पुलिस की सुस्ती नगर वासियों पर पड़ रही भारी,थाना पुलिस की दादागिरी, 19 दिन पूर्व हुई टप्पेबाजी की घटना में दर्ज नहीं की रिपोर्ट,नवाबगंज पुलिस चोरी, टप्पेबाजी और लूट के मुकदमे नहीं करती दर्ज - विभागीय सूत्र

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, August 18, 2026

फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज कस्बे के मुख्य चौराहे से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक आटा चक्की व परचून के खोखे में सोमवार रात फिर चोरी हो गई। खास बात यह है कि इसी दुकान में यह तीसरी चोरी है। जिस मुख्य चौराहे पर पुलिस की चेकिंग और लगातार गश्त का दावा किया जाता है, उससे इतनी कम दूरी पर बार-बार चोरी की घटनाओं ने कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नवाबगंज कस्बे के मोहल्ला नया गनीपुर निवासी राकेश कुमार के अनुसार उनकी आटा चक्की व परचून की दुकान मोहम्मदाबाद मार्ग पर मुख्य चौराहे से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। राकेश के मुताबिक 10 जून की रात चोरों ने चक्की के गेट का ताला तोड़कर करीब 20 किलो का लोहे का बांट चोरी कर लिया था। उन्होंने अगले दिन 11 जून को थाना नवाबगंज में लिखित तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस करीब 15 दिन बाद जांच के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन ढाई माह बीतने के बाद भी चोरी का खुलासा नहीं हो सका। इसके बाद 15 अगस्त की रात चोरों ने एक बार फिर दुकान को निशाना बनाया। इस बार दीवार की ईंटें निकालकर अंदर प्रवेश किया गया और दुकान में रखी आटे की बोरी चोरी कर ली गई।

पिछली घटना में कार्रवाई में देरी और खुलासा न होने से नाराज राकेश ने इस घटना की पुलिस को सूचना नहीं दी। लेकिन सोमवार रात चोरों ने तीसरी बार उसी दुकान पर धावा बोल दिया। इस बार खोखे का ताला तोड़कर उसमें रखा सामान और गोलक में रखे रुपये चोरी कर लिए गए। मंगलवार सुबह जब राकेश दुकान पहुंचे तो टूटा हुआ ताला देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और नकदी समेत कई सामान गायब थे। राकेश ने तत्काल यूपी-112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पीड़ित के अनुसार थाना पुलिस के सीयूजी नंबर से उन्हें दो बार फोन कर कहा गया कि वह थाने न आएं, पुलिस मौके पर ही जांच करने पहुंच रही है। बाद में पुलिस ने दुकान के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। राकेश ने घटना की लिखित सूचना थाना नवाबगंज पुलिस को दे दी है।

मुख्य चौराहे की पुलिस व्यवस्था पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मुख्य चौराहे पर पुलिस की तैनाती रहती है, जहां चेकिंग और गश्त के दावे किए जाते हैं, वहां से महज 100 मीटर दूर चोर दुकान का ताला तोड़कर सामान और नकदी लेकर निकल गए। यदि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो गश्त की वास्तविकता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी गश्त और चेकिंग की तस्वीरें उच्चाधिकारियों को भेजते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपराधियों में पुलिस का भय दिखाई नहीं दे रहा है। एक ही दुकान में लगातार तीन बार चोरी होना इस स्थिति को और गंभीर बनाता है।

बाइक सवार बदमाशों की घटना भी सवालों में, नवाबगंज पुलिस चोरी, टप्पेबाजी और लूट के मुकदमे दर्ज नहीं करती

नवाबगंज क्षेत्र गांव कक्योली निवासी एक किसान के नगर के तिराहा पर बाइक सवार बदमाशों द्वारा पीड़ित की जेब से 20,400 रुपये की लूट का मामला भी सामने आ चुका है। पीड़ित द्वारा उसी दिन थाने पहुंचकर लिखित शिकायत किए जाने के बावजूद 19 दिन बीत गए, लेकिन पुलिस द्वारा मुकदमा भी दर्ज नही किया और कार्रवाई भी नहीं की गई। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लेकिन उच्चाधिकारियों ने भी कोई संज्ञान नहीं लिया।

व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस पर उठ रहे कई सवाल

लगातार तीसरी बार चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि यदि मुख्य चौराहे और उसके आसपास के इलाके में ही दुकानें सुरक्षित नहीं हैं तो कस्बे के अन्य हिस्सों में सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सवाल यह है कि मुख्य चौराहे पर पुलिस की तैनाती और गश्त के बावजूद चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए? एक ही दुकान में तीन बार चोरी होने के बावजूद पहली घटनाओं का खुलासा क्यों नहीं हुआ? अगले दिन ही तहरीर मिलने के 15 दिन बाद जांच करने क्यों पहुंची पुलिस, तत्काल कोई कार्यवाही क्यों नहीं की, क्या पुलिस की गश्त केवल कागजों और फोटो तक सीमित है? स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस गश्त के नाम पर सिर्फ मोबाइल से फोटो लेकर उच्चाधिकारियों को भेजती है धरातल पर सब शून्य है, लोगों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पूर्व की चोरी की घटनाओं का खुलासा करने और नवाबगंज कस्बे में प्रभावी रात्रि गश्त सुनिश्चित कराने की मांग की है। हालांकि पीड़ित और नगरवासियों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही चोरी की घटनाओं, सीसीटीवी फुटेज और उससे जुड़े जिम्मेदार लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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