फर्रुखाबाद। जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बराकेशव गांव में चकबंदी कार्य के दौरान प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। लाठी-डंडों से लैस उपद्रवियों ने कर्मचारियों के साथ अभद्रता, हाथापाई की और सरकारी दस्तावेज, जरीब व पैमाइश से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख छीन लिए। इस घटना के बाद से चकबंदी विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है।

कैसे हुई घटना:
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, गुरुवार को चकबंदी लेखपाल राशिद अली, सुरजीत, सत्यप्रकाश और अविनाश बराकेशव गांव में चक सीमांकन और कब्जा परिवर्तन का कार्य कर रहे थे। कार्य पूरा होने के बाद दोपहर करीब दो बजे सभी कर्मचारी पानी पीने के लिए गांव निवासी सुरेंद्र के मकान पर बैठे थे। इसी दौरान करीब 20 नामजद लोगों के साथ लगभग 100 अज्ञात महिला-पुरुष लाठी-डंडे लेकर वहां आ धमके। आरोप है कि भीड़ ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। उपद्रवी सरकारी काम में इस्तेमाल होने वाली जरीब, नक्शा, फोटोकॉपी और पैमाइश से संबंधित रजिस्टर भी अपने साथ ले गए। जान बचाने के लिए कर्मचारियों ने सुरेंद्र के मकान के अंदर शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए चकबंदी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। शुक्रवार शाम चकबंदीकर्ता शिवकुमार की तहरीर पर पुलिस ने राजेश, विजनेस, जयरतन, पप्पू, जयवीर, सुरेश, फेरूसिंह, प्रेमचंद, शिवराखन, कल्लू, हुकुम सिंह, अतुल, प्रतीक, प्रशांत, प्रवेश, धर्मपाल, मुकेश, सुनील, जसवीर और जगतपाल सहित 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, बलवा और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विभाग का रुख:
इस बड़ी घटना के बाद चकबंदी कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थिति को देखते हुए विभाग ने फिलहाल उस क्षेत्र में चक सीमांकन का कार्य करने से असमर्थता जताई है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी और दबिश की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।





