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छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

हर माह वीडियो आधारित निरीक्षण से गड्ढों, दरारों और पॉटहोल की होगी पहचान, त्वरित मरम्मत की बनेगी कार्ययोजना

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 11, 2026

पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र

रायपुर, 10 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच

    समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

    इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

    इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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