जिला संवाददाता मनोज कुमार मिश्रा
चंदौली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चहनियाँ में इन दिनों जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार चरम सीमा बढ़ गया है। गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव, प्रोत्साहन राशि, जन्म प्रमाण पत्र व मरीजों को प्रसव उपरांत मिलने वाले भोजन सहित अन्य सुविधाओं में लूट-खसोट मची हुईं है। जिससे उक्त योजना हसी का पात्र बनकर रह गयी है। इतना ही नहीं केंद्र पर नियुक्त एक संविदा स्टॉप नर्स द्वारा सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए बाजार के कमीशन वाले मेडिकल स्टोर से महंगी दवाये मगवाने तथा प्रसव के बाद मरीजों के अभिभावकों से खुलेआम अवैध सुबिधा शुल्क वसूल किया जाने का प्रसव पीड़िता आरोप लगा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चहनियाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर व कर्मचारियां की मिलीभगत से जननी सुरक्षा योजना सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो रही है। ज़बकि कार्यालय में कम्प्यूटर से जन्म प्रमाण पत्र बनाने पर दो सौ रूपये, गर्भवती कार्ड बनाने में 50रूपये, प्रसव उपरांत मिलने वाली 1400सौ रूपये प्रोत्साहन राशि में चेक बनाने से पहले मरीजों से पांच सौ रूपये तक वसूल किया जाता है।
ज़बकि मरीजों को प्रसव के उपरांत चौबीस घंटे वार्ड में भर्ती करने साथ, चाय नास्ता व भोजन की व्यवस्ता है मगर केवल खानापूर्ति की जाती है औऱ यह धनराशि भी डकार जाते है। इस प्रकार मरीजों को मिलने वाली विभिन्न सुबिधाओं में कर्मचारियों द्वारा जमकर लूट खसोट किया जा रहा है। मरीजों व उनके अभिभावकों का आरोप है कि केंद्र पर नियुक्त एक महिला संविदा स्टॉफ नर्स द्वारा गर्भवती महिलाओं के प्रसव के उपरांत अभिवावकां से अवैध ढंग से तीन से चार हजार रूपये वसूल किये जाते है और इस कार्य में कई आशा बहूएं एजंन्ट के यप में कार्य कर सरकार जननी सुरक्षा योजना की पलीता लगा रही है।
ज़बकि सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना के तहत निःशुल्क प्रसव की व्यवस्था की गयी है। जिससे गरीब मरीजों की कमर टूट जा रही है और इससे त्रस्त होकर प्रसव पिड़िता चमक धमक वाले प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपनी जान गवा दे रहे है। इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र की एक महिला कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताई कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव कराने वाली संविदा स्टॉफ नर्स द्वारा दो हजार से लेकर चार हजार रूपये तक सुविधा शुल्क लेती है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रितेश कुमार ने बताया कि उपरोक्त आरोपों का संज्ञान अभी तक मेरे जानकारी में नहीं आया था आरोपों की जनकारी मिली है उसकी जाँच कराकर कार्यवाही की जायेगी। जबकि गौर करे तो प्रभारी चिकित्सा अधिकारी स्वयं लेट लतीफ अस्पताल पर आते है। जिससे कर्मचारियों का बेलगाम होना लाजमी है। वही ग्रामीणों सहित प्रसव पिड़िताओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी सहित जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करवाते अविलम्ब व्यवस्था सुधार कराये जाने की मांग की है।






