विकास भवन में अफसरों और संविदा कर्मियों के कमरों से हटेंगे AC बोली - सीडीओ - नहीं बदला Bangladesh, भारत से तनाव के बीच पहले विदेशी दौरे पर चीन जा रहे तारिक रहमान - ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के मुकद्दस मौके पर क़ारी अमान रज़ा ख़ान का मुल्क और जनपद के नाम इत्तेहाद (एकरूपता) और मोहब्बत का पैगाम - TMC में इस्तीफों की सुनामी, पार्टी के सामने गहराया संकट - सोमवार की रात 8 बजे की घटना थाना लालापुर अंतर्गतविकास भवन में अफसरों और संविदा कर्मियों के कमरों से हटेंगे AC बोली - सीडीओ - नहीं बदला Bangladesh, भारत से तनाव के बीच पहले विदेशी दौरे पर चीन जा रहे तारिक रहमान - ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के मुकद्दस मौके पर क़ारी अमान रज़ा ख़ान का मुल्क और जनपद के नाम इत्तेहाद (एकरूपता) और मोहब्बत का पैगाम - TMC में इस्तीफों की सुनामी, पार्टी के सामने गहराया संकट - सोमवार की रात 8 बजे की घटना थाना लालापुर अंतर्गत

अमृतपुर-कायमगंज क्षेत्र के गांवों में बढ़ी चिंता, फसलें डूबने की आशंका

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद। जनपद में गंगा का जलस्तर लगातार पांचवें दिन बढ़कर रविवार को 136.60 सेंटीमीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 137.10 सेंटीमीटर से मात्र 50 सेंटीमीटर नीचे है। आठ दिन पहले तक राहत की स्थिति थी, लेकिन बीते दिनों में

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, October 29, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रुखाबाद,

फर्रुखाबाद। जनपद में गंगा का जलस्तर लगातार पांचवें दिन बढ़कर रविवार को 136.60 सेंटीमीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 137.10 सेंटीमीटर से मात्र 50 सेंटीमीटर नीचे है। आठ दिन पहले तक राहत की स्थिति थी, लेकिन बीते दिनों में नदी का उफान फिर चिंता बढ़ा रहा है।

रविवार को जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे अमृतपुर और कायमगंज तहसील के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। किसानों की फसलें फिर से डूबने लगी हैं, और नदी किनारे बसे एक गांव में कटान की शुरुआत हो गई है।बांधों से छोड़ा जा रहा पानी: बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, नरौरा बांध से 77,369 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है।

वहीं, रामगंगा की सहायक नदियों से भी जलप्रवाह जारी है—खौ बैराज से 920, हरेली से 350 और रामनगर से 1084 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।अमृतपुर क्षेत्र में रामगंगा और गंगा दोनों का असर है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासनिक टीमें जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।यदि गंगा का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा, तो गांवों में पानी घुसने और विस्थापन की नौबत आ सकती है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले