मुंबई (अनिल बेदाग)। परिवार सिर्फ रिश्तों का नाम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही यादों, संस्कारों और भावनाओं की वह विरासत है, जो समय के साथ और भी खूबसूरत होती जाती है। विकासद दीपेश निरुपम द्वारा आयोजित एक विशेष पारिवारिक समारोह ने इसी भावना को बेहद खूबसूरती से जीवंत कर दिया, जब परिवार की पांच पीढ़ियां एक ही मंच पर एक साथ नजर आईं।
इस यादगार अवसर पर नानी प्रेम देवी, उनकी पुत्री किरण श्रीवास्तव, उनकी पुत्री नीतू श्रीवास्तव, उनकी पुत्री स्नेहिल और उनकी पुत्री आश्री की एक साथ मौजूदगी ने समारोह को खास बना दिया। पांच पीढ़ियों की यह तस्वीर न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स के लिए भावनाओं से भरा और दुर्लभ पल बन गई।
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब ग्याना निरुपम ने अपनी दादी के लिए लिखे दिल को छू लेने वाले शब्द सभी के सामने साझा किए। उन्होंने दादी के प्रति अपने प्रेम और उनके द्वारा दिए गए संस्कारों को याद करते हुए कहा, “दादी, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। आपने मुझे जीवन के संस्कार, बड़ों का सम्मान और परिवार की अहमियत सिखाई है।” ग्याना की भावपूर्ण बातों ने माहौल को भावुक कर दिया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में भावनाओं के साथ मनोरंजन का रंग भी देखने को मिला। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भोजपुरी गीतों ने समारोह में उत्साह भर दिया। परिवार के सदस्यों के साथ मित्रों ने भी इस खास मिलन का भरपूर आनंद लिया।
दीपेश निरुपम की इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक दौर की व्यस्त जिंदगी में परिवार के साथ बिताए पल कितने अनमोल होते हैं। पांच पीढ़ियों को एक साथ लाकर उन्होंने केवल एक पारिवारिक समारोह आयोजित नहीं किया, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और पीढ़ियों के बीच प्रेम की उस डोर को मजबूत करने का प्रयास किया, जो किसी भी परिवार की सबसे बड़ी ताकत होती है।
यह आयोजन लंबे समय तक परिवार के लिए एक खूबसूरत याद बना रहेगा—एक ऐसा यादगार पल, जिसमें पांच पीढ़ियां साथ थीं और रिश्तों की गर्माहट ने हर दिल को छू लिया।







