जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।

पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से नवाबगंज क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा अवैध लकड़ी कटान

दिनदहाड़े लकड़ी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली के संचालन से उठे सवाल, विभागीय मिलीभगत के आरोपों की जांच की मांग

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, August 12, 2026

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में सरकारी तंत्र की पोल पूरी तरह खुलती नजर आ रही है। यहां स्थानीय पुलिस और वन विभाग के जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध लकड़ी कटान का काला कारोबार फल-फूल रहा है। आलम यह है कि लकड़ी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे दिन के उजाले में बेखौफ होकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भरकर कटी हुई लकड़ियों की सप्लाई कर रहे हैं।

दिन के उजाले में दौड़ रहे लकड़ी लदे ट्रैक्टर

मामले की गंभीरता को उजागर करती एक तस्वीर बुधवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे सामने आई है। इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली हरी और कटी हुई लकड़ियों से पूरी तरह लदी हुई है और धड़ल्ले से नवाबगंज चौराहे से फर्राटे भरते हुए निकल रही है। दिनदहाड़े हो रही इस आवाजाही से साफ जाहिर होता है कि लकड़ी तस्करों को किसी भी प्रकार की कानून या विभागीय कार्रवाई का कोई डर नहीं है। और भीड़भाड़ वाले चौराहे से धीमी गति के बजाय फर्राटा भरते तेज गति से ट्रैक्टर को भगा कर ले जाना अवैध कटान के शक को और ज्यादा पुख्ता करता है।

सरकारी मुलाजिमों की भूमिका पर उठ रहे बड़े सवाल

एक तरफ शासन स्तर पर आम जनता से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की जाती है और पर्यावरण बचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं, लाखों रुपए खर्च करके पेड़ों को लगवाती है। वहीं दूसरी ओर धरातल पर सरकारी मुलाजिम ही इन हरियाली के दुश्मनों को संरक्षण देते नजर आ रहे हैं।

मोटा हिसाब और विभागीय संरक्षण:

विभागीय सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, अवैध कटान के इस खेल में स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को हर महीने एक ‘मोटा हिस्सा’ पहुंचाया जाता है।

नियमों की अनदेखी:

इसी अवैध रसूख और सांठगांठ के चलते लकड़ी माफिया बिना किसी रोक-टोक के हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला रहे हैं और बेझिझक अपनी तस्करी को अंजाम दे रहे हैं।

प्रशासन पर टिकी नजरें

जिले में पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच नवाबगंज क्षेत्र में हो रहा यह अंधाधुंध कटान गंभीर जांच का विषय है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले