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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने यातायात पुलिसकर्मियों से क्यों मांगे बयान,जानिए पूरा मामला

ट्रैफिक पुलिस में तैनात एक एसीपी की ओर से अवैध तरह से पैसे मांगने और भ्रष्टाचार सम्बंधी शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने पत्र जारी किया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, November 1, 2025

Why did the Additional Police Commissioner seek statements from traffic policemen, know the whole matter

एनसीआर ब्यूरो रिपोर्ट गाजियाबाद

गाजियाबाद। एनसीआर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने पत्र जारी कर यातायात पुलिस कर्मियों से पुलिस अधिकारी की ओर से पैसे मांगने के आरोप के संबंध में अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।ट्रैफिक पुलिस में तैनात एक एसीपी की ओर से अवैध तरह से पैसे मांगने और भ्रष्टाचार सम्बंधी शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने पत्र जारी किया है।पुलिसकर्मियों ने एसीपी की शिकायत लखनऊ और पुलिस कमिश्नर तक शिकायत भेजी है।शिकायत में किसी ने अपना नाम नहीं लिखा है।

जिसमें रपट लिखने से सम्बंधित मामला है।पूरे मामले में इन एसीपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।गाजियाबाद में ट्रैफिक में इस समय 3 एसीपी तैनात हैं।ट्रैफिक में तैनात पुलिस कर्मियों ने आरोप लगाया कि गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, टीएसआई और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की पूर्व में रपट लिखी गई। यह एक तरह से गैर हाजिरी होती है।जहां ड्यूटी चैक करने का काम एसीपी रैंक के अधिकारी का होता है।यदि कोई पुलिसकर्मी अपने निर्धारित प्वाइंट पर नहीं मिलता है तो उसकी गैर हाजिरी लिख दी जाती है।

जिसके बाद लाइन हाजिर व सस्पेंड होने का डर बना रहता है।साथ ही ऐसे पुलिसकर्मियों की जांच खुल जाती है।जहां रपट लिखने वाले एक पुलिसकर्मी से 5- 5 हजार रुपये की डिमांड करने का आरोप है।इस समय गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में एक डीसीपी, एक एडिशनल डीसीपी, 3 जोन में अलग अलग एसीपी तैनात हैं।12 ट्रैफिक इंस्पेक्टर,120 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और करीब 800 सिपाही और हेड कांस्टेबल तैनात हैं।शिकायत का यह मामला पुलिस कमिश्नर और लखनऊ तक भी चर्चाओं में है।एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर/ यातायात आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि यातायात कर्मचारियों के पत्र के आधार पर जांच शुरू कराई गई है।इसमें यातायात में तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने के लिए भी कहा गया है।

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