नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार - आरक्षण के मुद्दे पर 101 दिनों की संकल्प यात्रा निकालेगी VIP, मुकेश सहनी ने संजय निषाद पर साधा निशाना..... - गलगलिया बाजार में भीषण अग्निकांड, कई दुकानें जलकर खाक - सहयोग शिविर में दिए गए आवेदनों की रसीद संभालकर रखें: अहमद हुसैन - औचक निरीक्षण में गायब मिले 147 कर्मचारियों पर गिरी गाजनाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार - आरक्षण के मुद्दे पर 101 दिनों की संकल्प यात्रा निकालेगी VIP, मुकेश सहनी ने संजय निषाद पर साधा निशाना..... - गलगलिया बाजार में भीषण अग्निकांड, कई दुकानें जलकर खाक - सहयोग शिविर में दिए गए आवेदनों की रसीद संभालकर रखें: अहमद हुसैन - औचक निरीक्षण में गायब मिले 147 कर्मचारियों पर गिरी गाज

वेतन से एकमुश्त के बजाय किस्तों में काटें टीडीएस: जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट में आयकर सेमीनार आयोजित, टीडीएस कटौती और रिटर्न फाइलिंग को लेकर दिए गए कड़े निर्देश

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Tuesday, February 17, 2026

सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ | जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDOs) के लिए टीडीएस (TDS) कटौती से संबंधित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में आयकर विभाग के अधिकारियों ने टीडीएस नियमों के पालन को लेकर आवश्यक जानकारी साझा की।

एकमुश्त कटौती से बचें:

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कर्मचारियों के वेतन से टीडीएस की कटौती वित्तीय वर्ष के अंत में एकमुश्त करने के बजाय 12 किस्तों में की जाए। इससे कर्मचारियों पर अंतिम समय में अतिरिक्त टैक्स का भार नहीं पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीडीएस रिटर्न की फाइलिंग निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

नियमों का कड़ाई से पालन:

बैठक में बताया गया कि प्रत्येक तिमाही में टीडीएस कटौती का मिलान (Reconciliation) अद्यतन विवरणों से किया जाए। आयकर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आयकर दरों में हालिया परिवर्तनों के बावजूद टीडीएस कटौती और रिटर्न फाइलिंग की मूल प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी। सभी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा गया है।

​इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर (इनकम टैक्स) संजीव कुमार पांडे, आईटीओ अंसल पांडे, वरिष्ठ कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले