रायबरेली ब्यूरो।। जिले की सरकारी मशीनरी किस कदर लापरवाही से कार्य कर रही है इसकी शिकायतें तो उच्च अधिकारियों तक पहुंचती रहती हैं परंतु कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता। लेकिन इस बार इन्हीं शिकायतों के दृष्टिगत कुछ समय पहले ही जिले की कमान संभालने वाली जिला अधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जमीनी सच्चाई परखने को विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कराया। जनपद के उपजिलाधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में लगभग डेढ़ सौ कर्मी अपने कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जिस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने 147 अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं तथा सभी को कारण बताओं नोटिस जारी किया है।

जिलाधिकारी के सख्त तेवरों को देखते हुए जनपद के विभिन्न कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका द्वारा कराए गए औचक निरीक्षण में नगर पंचायत ऊंचाहार में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों की संख्या 17, ब्लाक महाराजगंज तथा जगतपुर में 12- 12, ब्लॉक रोहनिया में 11, खीरों में 10, ब्लाक छतोह में नौ, ब्लाक अमावां में 2, ब्लाक सलोन में 3, ब्लाक शिवगढ़ में 7, ब्लाक बछरांवा में 5,ब्लाक लालगंज में 1, ब्लाक सरेनी में 7, ब्लाक डलमऊ में 4, सीएचसी अमावां में 2, सीएचसी हरचंदपुर में 8, शिवगढ़ म 6, सरेनी में 8 सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डलमऊ में लगभग 14 कर्मी अनुपस्थित मिले। कुल मिलाकर 147 कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटकने से प्रशासनिक अमले में हलचल मची हुई है।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने सख्त कार्रवाई कर सरकारी मशीनरी को सही पटरी पर लाने का जो प्रयास किया है वह आम जनमानस के हित में किस हद तक सफल होगा यह आगे आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन फिलहाल जनमानस में जिलाधिकारी की इस कार्रवाई की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर हो रही है।






