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पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम से जनजाति वर्ग के युवा उपेश कुमार सिदार बने लखपति

फ़ूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित कर हर माह कमा रहे लगभग एक लाख रुपए, दृढ़ संकल्प और सरकारी योजना से साकार हुआ स्वरोजगार का सपना

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, December 22, 2025

Upesh Kumar Sidar, a tribal youth, became a millionaire through the PM Employment Generation Programme.

पुलकित दास महंत

रायपुर। उचित मार्गदर्शन एवं संसाधनों के अभाव में प्रायः युवा वर्ग व्यवसाय की ओर अग्रसर नहीं हो पाता। कई बार निराशा और हताशा भी उन्हें आगे बढ़ने से रोक देती है, लेकिन कुछ युवा ऐसे भी होते हैं जो कठिन परिस्थितियों में हार नहीं मानते और अपने दृढ़ संकल्प से सफलता की नई मिसाल कायम करते हैं। ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण हैं जिला सक्ती अंतर्गत विकासखंड सक्ती के ग्राम जुनवानी निवासी उपेश कुमार सिदार।

मध्यमवर्गीय परिवार से सफलता की ओर

एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे उपेश कुमार सिदार के परिवार में माता-पिता एवं दो छोटे भाई सहित कुल पाँच सदस्य हैं। उनके पिता एसईसीएल से सेवानिवृत्त हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सिदार ने वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त की। शिक्षा के दौरान ही उनके मन में स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का विचार उत्पन्न हुआ, किंतु आर्थिक संसाधनों की कमी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बनी।

पीएमईजीपी योजना से मिला सहारा

इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सक्ती के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना की जानकारी मिली, जिसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के स्वरोजगार हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन में राइस पफ्ड (फूड प्रोसेसिंग उद्योग) स्थापित करने का परियोजना प्रस्ताव तैयार किया।

30 लाख से अधिक की परियोजना, अनुदान और बैंक ऋण से हुआ साकार

सिदार द्वारा प्रस्तुत परियोजना की कुल लागत 30 लाख 42 हजार 105 रुपए थी, जिसे बैंक ऑफ बड़ौदा, सक्ती में प्रस्तुत किया गया। बैंक द्वारा परियोजना का परीक्षण कर 28 लाख 90 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। साथ ही पीएमईजीपी योजना अंतर्गत 10 लाख 64 हजार 737 रुपए का अनुदान भी प्रदान किया गया।

स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार, हर माह लाखों की आय

निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के चलते सिदार का फूड प्रोसेसिंग उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्तमान में उन्होंने तहसील सक्ती अंतर्गत ग्राम डड़ई में अपना उद्योग सफलतापूर्वक स्थापित कर लिया है, जिससे 09 अन्य स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध हो रहा है। आज उपेश कुमार सिदार को प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपए की आय हो रही है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बने उपेश कुमार सिदार न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना उनके जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर उभरी है।

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