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मुर्दे ने लड़ा 10 साल तक मुकदमा

पीड़ित नें जिलाधिकारी से मिलकर अपना दुखड़ा रोया, मृत व्यक्ति से 12 साल मुकदमा लड़कर संपत्ति व गुजारा भत्ता वसूलने का प्रयास

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, November 9, 2025

जिलाधिकारी नें तत्काल जांच का आदेश दिया, 15 दिन में पीड़ित को न्याय देने का दिया आश्वासन
कूट रचित दस्तावेजों में मृत व्यक्ति की संपत्ति विवाद में ससुरालीजनों व भाई ने पत्नी तथा वकील कमलेश चन्द्र दुबे के साथ मिलकर सभी प्रकार से प्रताड़ित कर आत्महत्या हेतु किया प्रेरित
कानपुर।
27 वर्ष पूर्व हुई शादी के बाद से ही ससुरालीजनों द्वारा पीड़ित व्यक्ति की संपत्ति हड़पने की नियत से पीड़ित के भाई नें पत्नी के साथ मिलकर कागजों में कूटरचित दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। यह साजिश यहीं नहीं रुकी पीड़ित आत्महत्या कैसे करे इसके लिए पीड़ित की पत्नी आरती तिवारी द्वारा मृत घोषित कृष्ण कुमार पर कानूनी धारायें 125, 13एचएमए, 498 ए सहित विभिन्न केस लगाकर प्रताड़ित किया। यहां तक कि कोर्ट से 10000 रुपये गुजारा भत्ता बंध गया परन्तु हाईकोर्ट इलाहाबाद से पिता ओम नारायण का नाम एफआई आर से निकलने के आदेश के बाद आरती तिवारी निवासी 268 करमगंज इटावा नें स्वतः समझौता कोर्ट में कर लिया कि मुझे किसी तरह का गुजारा भत्ता नहीं चाहिए और परिवारजनों पर दायर सभी प्रकार के केस कोर्ट से उठा लेंगी।
भाई राजकुमार त्रिपाठी के कहने पर स्वतः समझौते का प्रस्ताव रखा और तलाक ले लिया। अब यह मृत कृष्ण कुमार की पत्नी और बेटी व ससुराली जनों से सारे रिश्ते खत्म हो गये। अब कागजों में मृत कृष्ण कुमार अपने को जिंदा साबित करने के लिए आज जिलाधिकारी कानपुर नगर के सम्मुख प्रस्तुत हुआ और अपने जीवित होने के सभी पुख्ता प्रमाण पेश किये।
सरकारी दस्तावेजों में मृत कृष्ण कुमार निवासी 117/1060 एम ब्लाक काकादेव, कानपुर नगर को कोई भी नौकरी देने को तैयार नहीं है और न ही कोई सरकारी सुविधा का लाभ ले पा रहे हैं।
पीड़ित को यूएआईडी के उपनिदेशक जैस्मिन द्वारा आधार ब्लाक कर दिया गया है। जिसको कई बार अपडेट कराने के बाद भी ठीक नहीं किया गया है।
पीड़ित कृष्ण कुमार को पिता ओम नारायण त्रिपाठी द्वारा संपत्ति से बेदखल करा दिया गया। पारिवारिक कलह के चलते पीड़ित व्यक्ति के सभी शुभ चिंतक, मित्र व रिश्तेदारों नें भी दूरी बना ली।
अब पीड़ित असहाय होकर दर बदर की ठोकर खा रहा है और सिद्धेश्वर मंदिर रावतपुर गांव में भण्डारा खाकर जीवन यापन कर रहा है। ं

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