जांजगीर चांपा पुलिस दिनांक 28.07.26*
पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र
- मोबाइल चोरी कर मोबाइल में मौजूद आधार नम्बर से आरोपी ने बनाया यूपीआई आई डी आरक्षक के खाते से निकाला 4 लाख 87 हजार रुपए।
- आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का था आदि चोरी किये रकम को लगाया ऑनलाइन गेम में।
साइबर थाना जांजगीर पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए 11वीं बटालियन में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपने ही साथी आरक्षक का मोबाइल चोरी कर उसके बैंक खाते से ₹4,87,911 की अनाधिकृत ऑनलाइन निकासी करने का आरोप है।
विवरण ग्राम चांदो थाना चांदो जिला बलरामपुर- रामानुजगंज निवासी सुधीर कुमार सिंह (41 वर्ष), जो वर्तमान में 11वीं बटालियन जांजगीर में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं, जिसके द्वारा साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई कि 23 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10 बजे उन्होंने अपना वीवो वाई-21 मोबाइल फोन, जिसमें जिओ के दो सिम लगे थे, बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। रात करीब 11 बजे ड्यूटी पर जाने से पहले जब वे मोबाइल लेने पहुंचे तो वह गायब था।
कुछ दिनों बाद पैसों की आवश्यकता होने पर जब बैंक में पहुंचे तो पता चला कि खाते में राशि उपलब्ध नहीं है। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर 24 अप्रैल से 3 मई 2026 के बीच विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से कुल ₹4,87,911 की अनाधिकृत निकासी होना सामने आया। इसके बाद प्रार्थी ने साइबर सेल जांजगीर में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
सायबर थाना पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान संदेह 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव पर गया, जो घटना के बाद से बटालियन परिसर में भी मौजूद नहीं था। पुलिस द्वारा तलब कर पूछताछ किए जाने पर आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी एवं 66-डी के तहत कार्रवाई करते हुए विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
उपरोक्त कार्यवाही में ASP श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में एवं CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे के नेतृव में निरीक्षक भास्कर शर्मा प्रभारी सायबर थाना, ASI विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, विवेक सिंह, आरक्षक पदमराज सिंह प्रतीक सिंह विशाल कौशिक का सराहनीय योगदान रहा।




