दैनिक अयोध्या टाइम्स ब्यूरो
पूरनपुर/पीलीभीत। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, माधोटांडा में भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा जी के विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। शिक्षक, कर्मचारी और विद्यालय स्टाफ ने पूजा-अर्चना में सहभागिता करते हुए भगवान विश्वकर्मा से सुख, समृद्धि और विद्यालय की उन्नति की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सक्सेना ने भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन, कर्म, कौशल और निर्माण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प और तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है। उनके आदर्श हमें अपने कार्य को पूरी निष्ठा, लगन और ईमानदारी के साथ करने की प्रेरणा देते हैं।प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मेहनत, अनुशासन, कौशल और निरंतर प्रयास भी आवश्यक हैं।
विद्यार्थियों को अपने अंदर कार्य के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ करना चाहिए, तभी समाज और देश के विकास में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने भी भगवान विश्वकर्मा जी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आपसी सौहार्द और उत्साह का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में शिक्षक शिव ओम तिवारी, कृष्णकांत, कपिल कुमार, प्रीति राज, रजनी कुमारी, सुरभि शुक्ला तथा कर्मचारी वेदपाल, सोनू तिवारी, प्रिसेन जीत, जसविंदर पाल, वीरपाल, अमित कुमार, कृष्ण, रचित कुमार, पलविंदर, कमलेश बाबू और अमन कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।अंत में सभी ने भगवान विश्वकर्मा जी के आदर्शों पर चलने, अपने कार्य को निष्ठा एवं समर्पण के साथ करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सभी के सुख, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।





