जमीन पर कब्जा कर चबूतरा बनाने और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद, दो का शांतिभंग में चालान - परचून के खोखे पर चोरों का धावा, शोर होने पर बाइक छोड़कर भागे बदमाश - ब्लॉक का नोडल अधिकारी बनकर आंगनवाड़ी कार्यकत्री से ठगी, - नवाबगंज और शमशाबाद में धूमधाम से निकाली गई तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगे कस्बे - पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हुई नामित सभासद की तस्वीर, गरमाया सियासी पारासहयोगी संवाददाता शमसाबादजमीन पर कब्जा कर चबूतरा बनाने और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद, दो का शांतिभंग में चालान - परचून के खोखे पर चोरों का धावा, शोर होने पर बाइक छोड़कर भागे बदमाश - ब्लॉक का नोडल अधिकारी बनकर आंगनवाड़ी कार्यकत्री से ठगी, - नवाबगंज और शमशाबाद में धूमधाम से निकाली गई तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगे कस्बे - पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हुई नामित सभासद की तस्वीर, गरमाया सियासी पारासहयोगी संवाददाता शमसाबाद

कारोबार से सिनेमा तक रज़ा उर रहमान की छलांग

रज़ा उर रहमान ने ‘आर्यभट्ट का जीरो’ से बदली राहकारोबार छोड़ सिनेमा में रज़ा उर रहमान की धमाकेदार एंट्री

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, August 11, 2026

मुंबई (अनिल बेदाग)। कारोबार की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले दिल्ली के युवा कारोबारी रज़ा उर रहमान ने अब सिनेमा की दुनिया में भी कदम रख दिया है। फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ से उन्होंने बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर बॉलीवुड में अपनी नई पारी शुरू की है। सिनेमाघरों में रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों की ओर से शुरुआती तौर पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है, जिसने रज़ा की इस शुरुआत को और खास बना दिया है।

रज़ा उर रहमान के लिए यह सिर्फ एक फिल्म का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि कारोबार से रचनात्मकता की ओर बढ़ने वाला नया सफर है। वह फिल्म के निर्माता बीरेंद्र भगत के विजन और समर्पण की सराहना करते हैं और निर्देशक कमाल चंद्र की सोच को भी फिल्म की अहम ताकत मानते हैं।

फिल्म के कलाकारों में हिमांश कोहली, सोनाली सहगल और दर्शना बनिक के काम की तारीफ करते हुए रज़ा ने पूरी टीम की मेहनत को सराहा है। उनका मानना है कि सिनेमा मनोरंजन के साथ-साथ क्रिएटिविटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और दर्शकों को जोड़ने वाला बड़ा इकोसिस्टम है। ‘आर्यभट्ट का जीरो’ रज़ा के लिए पहली सीढ़ी है और वह आगे भी ऐसी कहानियों व प्रतिभाओं से जुड़ना चाहते हैं, जो दर्शकों के दिल तक पहुंचें।

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