जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।

पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के साथ वायरल हुई नामित सभासद की तस्वीर, गरमाया सियासी पारासहयोगी संवाददाता शमसाबाद

वायरल तस्वीर से भाजपा संगठन में उठे सवाल, राजनीतिक नजदीकियों को लेकर चर्चाएं तेज

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, August 11, 2026

, फर्रुखाबाद। जनपद की नगर पंचायत शमसाबाद की राजनीति इन दिनों एक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीर को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस तस्वीर ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

वायरल तस्वीर चेयरमैन जोया फारुखी की जीत के जश्न के दौरान की बताई जा रही है, जिसमें वर्तमान भाजपा नामित सभासद जितेन्द्र शाक्य, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारूखी के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर में जितेन्द्र शाक्य को नदीम फारूखी के गले में माला पहनाते हुए देखा जा सकता है। इसके सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं में असंतोष और सवाल

नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले पर संगठन के भीतर आपत्ति जताई है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि जितेन्द्र शाक्य के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के साथ पहले से भी राजनीतिक संबंध रहे हैं। इससे पहले भी दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा रही है। हालांकि अपना चैनल इस वीडियो या इसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में किसी भी व्यक्ति को पद या जिम्मेदारी सौंपने से पहले उसके राजनीतिक पृष्ठफ़ूम और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।

निष्पक्ष पहलू और आगे की स्थिति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केवल एक सार्वजनिक तस्वीर के आधार पर किसी की राजनीतिक निष्ठा या संबंधों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। यह तस्वीर किसी सामान्य सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भी ली गई हो सकती है। फिलहाल इस वायरल फोटो ने शमसाबाद के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नामित सभासद जितेन्द्र शाक्य इस मामले में क्या सफाई देते हैं और क्या भाजपा संगठन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले