पीलीभीत । जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को जनपद की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा दिया और पीलीभीत की विशिष्ट पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को पीलीभीत की विश्व प्रसिद्ध बांसुरी भेंट की। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत बांसुरी को पीलीभीत के मुख्य उत्पाद के रूप में चुना गया है। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिला प्रशासन बांसुरी वादकों और निर्माताओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले के बड़े प्रोजेक्ट्स और आर्थिक विकास रहा। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को पीलीभीत की बांसुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और स्थानीय कारीगरों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।उन्होंने जिले में चल रहे मेगा प्रोजेक्ट्स, बुनियादी ढांचे के निर्माण और जनहितकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी दी। इसके अतिरिक्त, पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच जैसे पर्यटन स्थलों के विकास पर भी बातचीत हुई। इसका उद्देश्य जिले में पर्यटन आधारित रोजगार को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया, “पीलीभीत की बांसुरी केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत है। इसे वैश्विक पटल पर स्थापित करना और जिले के बड़े प्रोजेक्ट्स को गति देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को लेकर मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की गई थी।”






