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यूरिया की किल्लत किसानों की बाढ़ रहीं परेशानियां

पूरनपुर। सुल्तानपुर समिति,निजामपुर लहा से सहकारी समितियों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सुबह से लाइन में लगने के बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिल रही। कुछ किसान तो लगातार कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। समितियों

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Monday, October 27, 2025

पूरनपुर। सुल्तानपुर समिति,निजामपुर लहा से सहकारी समितियों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सुबह से लाइन में लगने के बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिल रही। कुछ किसान तो लगातार कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

समितियों पर यूरिया की आपूर्ति और एक माह में एक बोरी के नियम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में धान की रोपाई के बाद अब तक दो बार यूरिया का छिड़काव हो चुका है, जरूरत के लिए किसान भटक रहे हैं। निजामपुर लहा समिति सहित कई जगहों पर पिछले 15 दिनों से यूरिया नहीं पहुंचा है।

जो किसान समिति से खाद नहीं ले पा रहे, वे मजबूरी में निजी दुकानों से महंगे दामों में यूरिया खरीद रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ गई है और छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं। एडीसीओ कोआपरेटिव कप्तान सिंह ने कहा कि इस बार यूरिया की मांग ज्यादा है। पिछले साल की तुलना में अधिक वितरण हो चुका है।

हर तीन दिन में समितियों पर यूरिया भेजा जा रहा है। कांवड़ यात्रा के कारण सप्ताहांत में आपूर्ति बाधित होती है। लेकिन उसके बाद पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी।लगातार किसान परेशान हो रहे हैं।

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