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शिल्प उत्सव मेला में स्वदेशी वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं लोग

शहर के पटेल मैदान में 19 नवंबर से 7 दिसंबर तक शिल्प उत्सव मेला का आयोजन किया गया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, November 24, 2025

People are buying indigenous goods in large numbers at the Crafts Festival fair.

अजय कुमार/सहरसा
बिहार।
शहर के पटेल मैदान में 19 नवंबर से 7 दिसंबर तक शिल्प उत्सव मेला का आयोजन किया गया है। मेला के पांचवें दिन रविवार को काफी लोग लोग पहुंच कर स्वदेशी वस्तुओं का जमकर खरीदारी की। वही छठे दिन सोमवार को भी मेले में काफी भीड़ देखी गई।मेला के संयोजक सुधीर शर्मा ने बताया कि पूरे देश में स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए भारत वस्त्र मंत्रालय, बिहार उद्योग विभाग एवं हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट संस्था के द्वारा शिल्प उत्सव मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में कारीगरों द्वारा निर्मित स्वदेशी वस्तुओं जमकर बिक्री हो रही है।

उन्होंने बताया कि इस मेले में संपूर्ण भारतवर्ष के कारीगरों द्वारा निर्मित स्वदेशी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसमें 16 राज्यों से शिल्पी कारीगर इसमें भाग ले रहे हैं और अपने वस्तुओं का प्रदर्शन कर बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में हैंडलूम एवं खादी से बने गर्म कपड़ों की बिक्री अधिक हो रही है। वही मधुबनी पेंटिंग से निर्मित वस्त्र भी जमकर बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री के साथ-साथ आजादी के मूलभूत सिद्धांत स्वाभिमान एवं स्वालंबन की प्राप्ति भी हो रही है। इसके साथ-साथ लकड़ी से बनाए गए पलंग कुर्सी टेबल एवं सोफा की भी खूब बिक्री हो रही है।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी के बल पर भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिली है।स्वदेशी के बल पर भारत अब विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गई है।ऐसे में हम सभी भारतीयों का कर्तव्य बनता है कि अपने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सभी वस्तु अपने देश के कारीगरों द्वारा निर्मित सामान की खरीदारी कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने मे सहयोग कर नागरिक कर्तव्य का पालन करने की अपील की है।

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