राष्ट्रपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - अमित कुमार सिंह ने उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की - द्रौपदी मुर्मु ने एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शिरकत की - बारात से घर बापस लौटते समय शिक्षक की सड़क हादसे में मौत होने से शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम - 17 अप्रैल से खुलेगा सिटीयस ट्रांसनेट का इन्वेस्टमेंट ऑफरराष्ट्रपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - अमित कुमार सिंह ने उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की - द्रौपदी मुर्मु ने एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शिरकत की - बारात से घर बापस लौटते समय शिक्षक की सड़क हादसे में मौत होने से शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम - 17 अप्रैल से खुलेगा सिटीयस ट्रांसनेट का इन्वेस्टमेंट ऑफर

संत लक्ष्मीनाथ गोसाई के 232वें जन्मोत्सव के अवसर पर बुधवार को बनगांव से ‘सर्वा सद्भावना यात्रा’ निकाली गई

संत के विचारों, उनके आदर्शों और सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, November 27, 2025

On the occasion of the 232nd birth anniversary of Saint Laxminath Gosai, a 'Sarva Sadbhavana Yatra' was taken out from Bangaon on Wednesday.

सुभाष जी सहरसा

सहरसा – जिले में सर्वा सद्भावना यात्रा में सैकड़ों वाहनों का काफिला और भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी देखने को मिली। जिले के बनगांव नगर पंचायत स्थित बाबाजी कुटी से शुरू हुई यह ‘सर्वा सद्भावना यात्रा’ सिहोल स्थित बाबाजी कुटी तक लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय करेगी। शाम तक वहां भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।गोस्वामी लक्ष्मीनाथ सेवा मिशन से जुड़े धनंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2016 से मिशन लगातार यह जन्मोत्सव मना रहा है। उद्देश्य है – संत के विचारों, उनके आदर्शों और सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना। संत लक्ष्मीनाथ गोसाई मिथिला क्षेत्र के प्रख्यात योगी, कवि और समाज सुधारक थे।

उनका जन्म 1787 में परसरमा गांव में हुआ था और 1872 में उन्होंने शरीर त्याग किया। गोस्वामी लक्ष्मीनाथ मिशन समाज में समानता, करुणा और भाईचारे का संदेश फैलाने में लगातार सक्रिय है। श्रद्धालुओं ने इस मौके पर एकता, प्रेम और सद्भाव के संत संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जिसके लिए सैकड़ों वाहनों की काफिला के साथ कार्यकर्ताओं इस दिवस को यादगार बनाने में लगे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले