मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन – जिलाध्यक्ष
फर्रुखाबाद।
जनपद फर्रुखाबाद के थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव नगला जब्ब में चार दिन पूर्व भारतीय किसान यूनियन टिकैत।के कार्यकर्ताओं और चकबंदी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने सोमवार को बड़ा रूप ले लिया। चकबंदी कर्मचारियों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस द्वारा 21 नामजद और करीब 100 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गांव बराकेशव में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने मुकदमा वापस लेने और चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना नवाबगंज के गांव नगला जब्ब में चकबंदी से संबंधित कार्रवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं और चकबंदी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद हुए विवाद के दौरान चकबंदी विभाग के कुछ कर्मचारी भागकर सुरेंद्र सिंह यादव के घर में घुस गए थे। इसके बाद चकबंदी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की तथा सरकारी अभिलेख छीन लिए। घटना के बाद चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने थाना नवाबगंज पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 21 नामजद तथा लगभग 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुकदमे के विरोध में सड़क पर उतरे किसान
मुकदमा दर्ज होने की जानकारी के बाद भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सोमवार को संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता गांव बराकेशव में एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसानों और संगठन के लोगों पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा मुकदमे को वापस लिया जाना चाहिए। धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष अजय कटिहार ने प्रशासन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि संगठन अब प्रशासन से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। उनकी प्रमुख मांग है कि दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और चकबंदी की प्रक्रिया को निरस्त किया जाए।
मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान
जिला अध्यक्ष अजय कटिहार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और चकबंदी को निरस्त करने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक संगठन का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठन किसी भी दबाव में पीछे हटने वाला नहीं है। किसानों के हित और न्याय की मांग को लेकर संगठन प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखेगा। धरने में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन के नेतृत्व में आंदोलन जारी रखने का समर्थन किया।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
अनिश्चितकालीन धरने में जिला अध्यक्ष अजय कटिहार, अरविंद कुमार शाक्य, छविनाथ शाक्य, अफरोज मंसूरी सहित सैकड़ों भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मुकदमे को वापस लेने की मांग की।
फिलहाल चकबंदी कर्मचारियों की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की पुलिस जांच कर रही है, जबकि दूसरी ओर भाकियू के अनिश्चितकालीन धरने से मामले को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और किसान संगठन के बीच इस विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।






