रायबरेली ब्यूरो।। जनपद लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की दर्दनाक घटना का संज्ञान लेते हुए जनपद रायबरेली में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया गया।

जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ एवं अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक/सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण विशाल कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट), विद्युत वायरिंग की स्थिति, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा तथा विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
अधिकारियों ने पाया कि कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस पर उन्होंने संबंधित संचालकों को तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, इसके साथ ही रायबरेली विकास प्राधिकरण द्वारा 12 कोचिंग संस्थान/लाइब्रेरी भी सील किए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों को निर्देशित किया कि वे अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन भी कराएं।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिगत भीड़-भाड़ वाले संस्थानों में विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। उन्होंने कोचिंग संचालकों को सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने यह भी निर्देशित किया कि सभी संस्थान अपने यहां अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (छव्ब्) प्राप्त करें एवं भवन मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
जनपद प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर गौतम सिंह, डिप्टी कलेक्टर सचिन यादव, फायर सेफ्टी ऑफिसर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।





