सिविल डिफेन्स सोनभद्र की निष्क्रियता पर उठे सवाल, वार्डनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन - शहर कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक तिलक भवन में हुई सम्पन्न - विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर एम्स द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य अपमिश्रण की पहचान हेतु दिया गया प्रशिक्षण - पौआखाली में विकास के दावों पर जलजमाव का ग्रहण, सीमलबाड़ी मार्ग बना परेशानी का कारण - भारतीय जनता पार्टी के 12 वर्ष पुर्ण होने पर यहां जनसंपर्क एवं जनकल्याणसिविल डिफेन्स सोनभद्र की निष्क्रियता पर उठे सवाल, वार्डनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन - शहर कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक तिलक भवन में हुई सम्पन्न - विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर एम्स द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य अपमिश्रण की पहचान हेतु दिया गया प्रशिक्षण - पौआखाली में विकास के दावों पर जलजमाव का ग्रहण, सीमलबाड़ी मार्ग बना परेशानी का कारण - भारतीय जनता पार्टी के 12 वर्ष पुर्ण होने पर यहां जनसंपर्क एवं जनकल्याण

भारत–पोलैंड रणनीतिक संवाद में शामिल हुए वैश्विक सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता मोहित माधव

IIT दिल्ली में आयोजित भारत–पोलैंड संवाद कार्यक्रम में मोहित माधव ने रखा सांस्कृतिक सहयोग पर जोर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, May 13, 2026

नई दिल्ली Ravi karwa

राजधानी दिल्ली स्थित FITT – IIT Delhi R&I Park Auditorium में 8 मई 2026 को आयोजित भारत–पोलैंड रणनीतिक संवाद कार्यक्रम में वैश्विक सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता मोहित माधव ने विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कूटनीति, MSME विकास, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और जन-जन संपर्क को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

इस विशेष संवाद कार्यक्रम में पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री घोष, MSME India Forum के अध्यक्ष रवि नंद सिन्हा, कर्नल आहूजा, ब्यूरोक्रेसी मैगज़ीन की संस्थापक सुहानी जी, भारत में पोलैंड के कॉन्सुलेट जनरल के प्रतिनिधि तथा विश्व बैंक के लीड इकोनॉमिस्ट प्रो. मार्सिन पियातकोव्स्की सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, उद्यमिता, MSME सहयोग, नवाचार और युवा सहभागिता को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।

मोहित माधव ने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सांस्कृतिक कूटनीति अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

यह कार्यक्रम भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और संस्थागत सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले