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15 वें वित्त आयोग के तालाब पुनर्जीवन में खेल ? नगर पंचायत की कार्यशैली पर उठे सवाल, स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के निराकरण पर भी घिरे अधिकारी, वार्डवासियों ने कहा– "कागजों में काम, जमीन पर नहीं"

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 22, 2026

पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र

रायगढ़/ नगर पंचायत घरघोड़ा की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक-12 स्थित नगर के प्रमुख बगमुड़ा तालाब के 15वें वित्त आयोग की राशि से किए जा रहे पुनर्जीवन (रिजुवनेशन) कार्य में तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वार्डवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत WP260600023587 के निराकरण के नाम पर नगर पंचायत ने वास्तविक तथ्यों और तकनीकी बिंदुओं की अनदेखी करते हुए केवल औपचारिक जवाब प्रस्तुत कर शिकायत को बंद करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि शिकायत में उठाए गए महत्वपूर्ण सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत तालाब पुनर्जीवन कार्य का उद्देश्य जल संरक्षण, जलधारण क्षमता बढ़ाना और आवश्यक स्थानों पर सुरक्षात्मक संरचनाओं का निर्माण करना था, लेकिन मौके पर केवल जलकुंभी हटाने जैसे सीमित कार्य को ही पूरा कार्य दर्शा दिया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार तालाब की वास्तविक डी-सिल्टिंग और गहराई बढ़ाने का कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं किया गया।

आवेदन में लगभग 8.38 लाख रुपये की लागत से निर्मित टो-वॉल पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जिस स्थान पर इसका निर्माण किया गया, वहां न तो जल बहाव का खतरा है और न ही कटाव की संभावना, फिर भी निर्माण कराया गया। शिकायतकर्ताओं ने पूछा है कि आखिर स्थल का चयन किस तकनीकी सर्वे, निरीक्षण या सक्षम अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर किया गया।

वार्डवासियों ने मांग की है कि पूरे कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कर मेजरमेंट बुक (एमबी), लेवल बुक, क्रॉस सेक्शन, डिजाइन ड्राइंग और गुणवत्ता परीक्षण सहित सभी तकनीकी अभिलेखों की जांच कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।

यह ज्ञापन नगर पंचायत घरघोड़ा के पूर्व अध्यक्ष एवं एल्डरमैन विजय शिशु सिन्हा के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान वार्ड क्रमांक-8 की पार्षद राजकुमारी डनसेना, वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद यश सिन्हा, पूर्व एल्डरमैन सोमदेव मिश्रा, पूर्व पार्षद नीरज शर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। ज्ञापन पर वार्डवासियों के हस्ताक्षर भी संलग्न हैं, जिनके माध्यम से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

हालांकि, इन आरोपों पर नगर पंचायत का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है। यदि नगर पंचायत या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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