लखनऊ। विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की ओर से लखनऊ में आयोजित धर्म संसद में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और युवा सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया। 21 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में युवा जागरूकता, महिला एवं बालिका सुरक्षा, सामाजिक सेवा तथा सांस्कृतिक विरासत को लेकर विभिन्न प्रस्ताव रखे गए।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाई मनीष राय, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राघवेंद्र राय, राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी निखिलेंद्र रस्तोगी, राष्ट्रीय महामंत्री राजू अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव ईशान राय, अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रतिनिधि आशीष राय, प्रदेश अध्यक्ष देव राठौर और जिला मंत्री अभिषेक सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
धर्म संसद में युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ‘एक करोड़ Gen-Z जागरूकता दूत’ अभियान की घोषणा की गई। इसके तहत साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल, कानूनी अधिकारों और समाजसेवा के प्रति युवाओं को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा को लेकर अभियान का प्रस्ताव
बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’ पर चर्चा हुई। इसके तहत जरूरतमंद बालिकाओं को काउंसलिंग, कानूनी मार्गदर्शन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात कही गई। महिलाओं को सामाजिक सेवा से जोड़ने के लिए ‘नारायणी सेवा वाहिनी’ के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया।
जिलों में सहायता केंद्रों की पहल
धर्मांतरण से जुड़े मामलों में लोगों को जानकारी और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलास्तर पर ‘एंटी-धर्मांतरण सहायता कॉल सेंटर’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। परिषद की ओर से कहा गया कि ऐसे मामलों में लोगों को उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाएगा।
धर्म संसद में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, ‘विश्व सनातन संसद’ के गठन और सामाजिक सेवा से जुड़े अभियानों को विस्तार देने पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रीय महामंत्री राजू अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति को रचनात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना और सेवा कार्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्तावों को लेकर आगे की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।




