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बुंदेली सुरों की पहचान गढ़ने को तैयार ‘बुंदेली बावरा’- लोकगीत और लोकभाव की आवाज़ का नया मंच

वही धड़कन, वही सुर और वही अपनापन अब एक बार फिर सम्पूर्ण बुंदेलखंड में गूँजने जा रहा है

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, December 11, 2025

'Bundeli Bawra' is ready to create an identity for Bundeli tunes - a new platform for folk songs and folk sentiments.

छतरपुर : बुंदेलखंड की मिट्टी में सिर्फ मेहनत की खुशबू ही नहीं, बल्कि लोकगीतों की अमर धड़कन भी बसती है। वही धड़कन, वही सुर और वही अपनापन अब एक बार फिर सम्पूर्ण बुंदेलखंड में गूँजने जा रहा है। बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध चैनल, बुंदेलखंड 24×7 ने बुंदेली लोकगीतों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और लोक कलाकारों को पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। चैनल ‘बुंदेली बावरा’ नाम से एक अनोखा म्यूज़िकल रियलिटी शो लेकर आ आया है, जो बुंदेली लोकगीतों को समर्पित बुंदेलखंड की पहली बड़ी लोकगीत प्रतियोगिता है।

बुंदेली लोकसंस्कृति को जीवित रखने के उद्देश्य से चल रही इस प्रतियोगिता के जरिए क्षेत्र के कुछ चुनिंदा लोकगीत कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता की शुरुआत चंदेरी स्थित बैजू बावरा जी की समाधि पर माल्यार्पण से हुई। यह प्रतियोगिता सिर्फ गायन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उस परंपरा, संवेदना और सांस्कृतिक विरासत की आवाज़ है, जिसे सालों से लोक कलाकार अपने सुरों में जीवित रखते आए हैं। इस शो को बुंदेली लोकगीतों के महान कलाकार बैजू बावरा की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, ताकि उनकी साधना, तपस्या और सुरों के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक सहेजा जा सके।

यह प्रतियोगिता ज़मीनी स्तर पर पहुँच रही है। चयनित प्रतिभागियों के लिए ऑडिशन राउंड आयोजित किए जा रहे हैं, ऑडिशन की जानकारी इस प्रकार है:
11 दिसंबर, 2025 को झाँसी में ऑडिशन हुए, जिनमें झाँसी समेत दतिया और निवारी के कलाकार शामिल रहे।
12 दिसंबर, 2025 को हमीरपुर में ऑडिशन हुए, जिसमें महोबा, बाँदा और जालौन के प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा।
13 दिसंबर, 2025 को छतरपुर में ऑडिशन हैं, जहाँ चित्रकूट से आए लोकगायक भी अपनी प्रस्तुति देंगे।
15 दिसंबर, 2025 को पन्ना में ऑडिशन राउंड रखा गया है।
17 दिसंबर, 2025 को टीकमगढ़ में ऑडिशन होंगे, जिनमें ललितपुर के कलाकार भी शामिल होंगे।
18 दिसंबर, 2025 को अंतिम ऑडिशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें दमोह के प्रतिभागी भी अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करेंगे।
हर क्षेत्र से चुने गए सर्वश्रेष्ठ और प्रभावशाली लोकगीत वीडियो और प्रस्तुतियों का चयन आगे क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और ग्रैंड फिनाले के लिए किया जाएगा। हर चरण में कलाकारों के सुर की पकड़ और लोकपरंपरा से जुड़ेपन को विशेष महत्व दिया जाएगा।

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