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पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल!

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह, कई बड़े नेता बगावत की तैयारी में

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, May 28, 2026

कोलकाता/नई दिल्ली (रवि कारवा)— पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदलती हुई दिखाई दे रही है। सत्ता परिवर्तन के बाद अब बंगाल में राजनीतिक समीकरण तेजी से करवट ले रहे हैं।

राज्य के नए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari लगातार ताबड़तोड़ फैसले और प्रशासनिक एक्शन लेते नजर आ रहे हैं। कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढांचे को लेकर भाजपा सरकार लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के अंदर बढ़ती नाराजगी और असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है।

सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद, विधायक और संगठन से जुड़े बड़े चेहरे पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि कुछ नेता भाजपा के संपर्क में हैं और केवल “हरी झंडी” मिलने का इंतजार कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में टीएमसी को कई बड़े झटके लग सकते हैं।

भाजपा नेताओं का दावा है कि राज्य में “परिवर्तन की राजनीति” अब पूरी तरह शुरू हो चुकी है और कई जनप्रतिनिधि जनता के मूड को देखते हुए भाजपा में शामिल होने को तैयार हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन खबरों को अफवाह बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि भाजपा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर राजनीतिक माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले समय में टीएमसी के बड़े चेहरे पार्टी छोड़ते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। फिलहाल पूरे राज्य की नजरें उन नेताओं पर टिकी हैं जिनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो चुकी हैं।

राजनीतिक संदेश साफ है — बंगाल में सत्ता बदलने के साथ अब राजनीतिक निष्ठाएं भी बदलती नजर आ रही हैं।

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