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राम मंदिर निर्माण में बड़ा ‘चंदा घोटाला’: संजय सिंह ने लगाए गंभीर आरोप, ₹9 करोड़ की जमीन ₹55 करोड़ में खरीदने का दावा

किसानों को कौड़ी और चहेतों को लाखों का भुगतान, यह आस्था की डकैती है : संजय सिंह

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, June 19, 2026

संवाददाता आशीष कश्यप लखनऊ (उत्तर प्रदेश) |

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित ‘चंदा घोटाले’ का सनसनीखेज खुलासा किया है। सांसद ने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर के नाम पर एकत्र चंदे की भारी लूट की है।
₹9 करोड़ की जमीन ₹55.47 करोड़ में खरीदी
संजय सिंह ने आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि शाहनवाज़पुर माझा में 117 बिस्वा जमीन ₹55.47 करोड़ में खरीदी गई, जबकि इसकी वास्तविक बाजार कीमत महज ₹9 करोड़ है। उन्होंने इसे राम भक्तों की आस्था के साथ ‘खुली डकैती’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट मंदिर के करीब किसानों की जमीन का मुआवजा ₹4.40 लाख प्रति बिस्वा दे रहा है, जबकि दूर स्थित अपने करीबियों की जमीन के लिए ₹47 लाख प्रति बिस्वा की दर से भुगतान किया जा रहा है।

अयोध्या से नागपुर तक बने लूट एक्सप्रेस-वे

सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “अगर आप राम भक्त हैं तो इस लूट पर चुप क्यों हैं? अब तो अयोध्या से सीधे नागपुर (RSS मुख्यालय) तक एक ‘टोल-फ्री माल लूट एक्सप्रेस-वे’ बना देना चाहिए, ताकि लूटा हुआ चंदा सीधे वहां पहुँच सके।”

SIT जांच पर सवाल और सुप्रीम कोर्ट से मांग

संजय सिंह ने सरकार द्वारा गठित SIT पर संदेह जताते हुए कहा कि अब तक 105 से अधिक SIT बन चुकी हैं, लेकिन केवल नौटंकी हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो और तत्कालीन ट्रस्टी ज्ञानेश कुमार तथा चंपत राय की भूमिका की गहन जांच कर उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए। संजय सिंह ने कहा कि वे इन सभी सबूतों को आधिकारिक रूप से अधिकारियों को सौंपेंगे और मामले में FIR दर्ज करने की मांग करेंगे।

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