मनोज कुमार यादव ब्यूरो चीफ
देवरिया,भटनी। नगर पंचायत इस बार तीन प्रमुख अखाड़ों की शानदार शोभायात्राओं का साक्षी बना। गांधी चौक अखाड़ा नंबर 1, रामलीला मैदान अखाड़ा नंबर 2 और माँ सरस्वती क्लब की ओर से निकले जुलूसों ने नगर में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग भी बिखेरे। जहाँ अखाड़ा नंबर 1 ने आधी सदी से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखा, वहीं अखाड़ा नंबर 2 ने पहली बार शानदार रोड शो निकाला।
माँ सरस्वती क्लब का उत्सव भी युवाओं और नगरवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना। भटनी के गांधी चौक से हनुमाखड़ा नंबर 1 तक अखाड़ा नंबर 1 का जुलूस लगातार 50 वर्षों से निकाला जा रहा है। यह आयोजन नगर की धार्मिक मान्यता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक माना जाता है। शोभायात्रा में झाँकियों कलाकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने भक्तिमय माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर स्वागत किया।
बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा भटनी की पहचान बन चुकी है और हर साल इसकी प्रतीक्षा रहती है। रामलीला मैदान स्थित अखाड़ा नंबर 2 की ओर से इस बार पहली बार रोड शो का आयोजन किया गया। शोभायात्रा गांधी चौक से होकर मुख्य मार्ग, विकास चौक और रेलवे कॉलोनी होते हुए हनुमानगढ़ी मंदिर तक पहुँची। जुलूस में शामिल रही पाँच प्रमुख कलाकार—दिशा डांसर, दीक्षा राज, रानी राज, रिया डांसर और रिम्पी ने अपने प्रदर्शन से लोगों का मन मोह लिया। 30 सदस्यीय ढोल-नगाड़ा दल और 15 सदस्यीय डमरू वादकों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

नगरवासियों ने इसे ऐतिहासिक शुरुआत करार दिया। वही माँ सरस्वती क्लब की ओर से भी आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई, जो गांधी चौक से शुरू होकर रेलवे कॉलोनी तक पहुँची। इस जुलूस में नई पीढ़ी की कलाकार एंजेल लिसा, सन्नू रॉय, एलिसा रॉव और सुमन यादव ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
तीनों अखाड़ों की शोभायात्राओं ने यह साबित कर दिया कि भटनी सिर्फ आस्था का ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक परंपरा का भी मजबूत गढ़ है। अखाड़ा नंबर 1 ने जहाँ पुरानी विरासत को बनाए रखा, वहीं अखाड़ा नंबर 2 और माँ सरस्वती क्लब ने आधुनिकता और उत्साह के साथ इस परंपरा को नई दिशा दी। नगरवासियों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का कार्य भी करते हैं।






