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महाराजगंज विद्युत उपकेंद्र पर विद्युत महा पंचायत कार्यक्रम का हुआ आयोजन,

बिजली निजीकरण को लेकर कर्मचारियों ने जताया विरोध

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, November 5, 2025

ब्यूरो चीफ बजरंगी विश्वकर्मा

आजमगढ़ । जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र अंतर्गत महराजगंज विद्युत उपकेंद्र पर गुरुवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन और विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ की इकाई ने संयुक्त रूप से बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत पंचायत कार्यक्रम आयोजित किया ।

विद्युत पंचायत कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि के रूप में सपा के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का विरोध किया । गुरुवार शाम लगभग 4 बजे वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश सरकार ऊर्जा प्रबंधन विद्युत विभाग के दो निगमों को निजीकरण के माध्यम से पूंजीपतियों को सौंपने का प्रयास कर रही है ।

इसके विरोध में समस्त कर्मचारी लगभग 8 महीने से आंदोलनरत हैं । विद्युत पंचायत के माध्यम से क्षेत्र की जनता, उपभोक्ता, छात्र, किसान और बुनकरों को बिजली के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया । वक्ताओं ने चेतावनी दी कि निजीकरण के बाद प्रति यूनिट बिजली की दर काफी महंगी हो जाएगी जिसे वहन करना सबके लिए कठिन होगा ।

उन्होंने कहा कि निजीकरण से छात्रों के रोजगार के अवसर कम होंगे और महंगी बिजली से महंगाई बढ़ेगी । बुनकरों और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी युक्त बिजली भी समाप्त हो जाएगी जिससे कुटीर उद्योग बंद होंगे और कृषि उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा । वक्ताओं ने याद दिलाया कि देश की आजादी के समय नीति नियंताओं ने यह निर्णय लिया था कि ऊर्जा क्षेत्र विलासिता की वस्तु नहीं बल्कि जनउपयोगी वस्तु है जिसे सरकारी क्षेत्र के नियंत्रण में रहना चाहिए ।

इस अवसर पर सहायक अध्यापक विकास गुप्ता,सपा नेता कमलेश यादव इंजीनियर उपेंद्रनाथ चौरसिया, इंजीनियर चंद्रशेखर, धीरज पटेल, तुषार श्रीवास्तव, रमाकांत यादव, रोशन यादव, अवधेश यादव, राजेश कुमार बसंत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।

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