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महिला के पेट से साढ़े सात किलो का ट्यूमर निकालकर एम्स के डॉक्टरों ने रचा इतिहास

46 वर्षीय महिला के पेट मे दिक्कत के बाद डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक 7.5 किलो का गर्भाशय ट्यूमर निकालकर महिला को दिया नया जीवन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, July 27, 2026

रायबरेली ब्यूरो।। एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने 46 वर्षीय महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम का गर्भाशय ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला।सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, रायबरेली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक जटिल बहु-विभागीय सर्जिकल प्रक्रिया के ज़रिए 46 साल की महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम वज़न का एक बहुत बड़ा गर्भाशय ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

मरीज़ के पेट में लगातार सूजन बढ़ रही थी और जांच में पता चला कि उनके गर्भाशय में एक बहुत बड़ा ट्यूमर है, जिसका आकार लगभग 30 × 30 × 20 सेमी था और जिसने पेट के लगभग पूरे हिस्से को घेर रखा था। विस्तृत जांच में गर्भाशय में फाइब्रॉएड और अम्बिलिकल हर्निया (नाभि के पास हर्निया) होने का भी पता चला। मरीज़ को पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी, जिससे सर्जरी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो गई थी।यह जटिल सर्जरी प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा, डॉ. पारुल सिन्हा और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अपाला प्रियदर्शिनी की देख-रेख में सफलतापूर्वक की गई। अम्बिलिकल हर्निया के इलाज के लिए जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. शिरीष ने टीम की मदद की, जबकि एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. कालीचरण दास ने एनेस्थीसिया का काम बखूबी संभाला।ऑपरेशन तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चला, जिसके दौरान पूरे ट्यूमर और उससे जुड़ी अन्य विकृतियों को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज़ की रिकवरी बिना किसी परेशानी के हुई और अब उन्हें स्वस्थ और स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा ने बताया कि इतने जटिल मामले का सफल इलाज यह दिखाता है कि संस्थान महिलाओं की गंभीर गायनेकोलॉजिकल समस्याओं के लिए आधुनिक, सबूत-आधारित और मल्टी-डिसिप्लिनरी देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफल परिणाम एम्स रायबरेली में मौजूद एडवांस्ड सर्जिकल विशेषज्ञता, बेहतर टीम वर्क और मरीज़-केंद्रित दृष्टिकोण को उजागर करता है।विभाग ने कार्यकारी निदेशक (डॉ.) अमिता जैन का उनके दूरदर्शी नेतृत्व, लगातार प्रोत्साहन और संस्थान में मरीज़ों की बेहतर देखभाल और सर्जिकल सेवाओं को मज़बूत करने में अटूट सहयोग के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। विभाग ने अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव का भी उनके लगातार प्रशासनिक सहयोग, मार्गदर्शन और त्वरित मदद के लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस जटिल मामले के सुचारू प्रबंधन और मरीज़ों को अच्छी देखभाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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