खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका" - कंधों पर जनाजा, नदी बनी मजबूरी: वायरल वीडियो ने खोली विकास की हकीकत - RCB ने GT को हराकर लगातार दूसरी बार जीता IPL का खिताबखुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका" - कंधों पर जनाजा, नदी बनी मजबूरी: वायरल वीडियो ने खोली विकास की हकीकत - RCB ने GT को हराकर लगातार दूसरी बार जीता IPL का खिताब

छातापुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में श्मशान घाट निर्माण और जमीन आवंटन को लेकर सौंपा गया एक सूत्री मांग पत्र

पंचायतों में श्मशान घाट निर्माण हेतु उपयुक्त सरकारी भूमि की जल्द चिन्हित कर आवंटन करने की मांग

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, December 1, 2025

A one-point demand letter was submitted regarding the construction of cremation grounds and land allotment in various panchayats of Chhatapur block.

अभिमन्यु मिश्रा छातापुर सुपौल

छातापुर प्रखण्ड के लक्ष्मीपुर खुट्टी, डहरिया, घिवाहा, राजेश्वरी पूर्वी–पश्चिमी, चरणे, महम्मदगंज, सोहठा, चुन्नी, कटहारा, रामपुर, झखाड़गढ़ एवं लालगंज पड़ियाही पंचायतों में श्मशान घाट (मुक्ति धाम) के निर्माण और सरकारी जमीन आवंटन की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहल तेज कर दी है।इसी कड़ी में पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी सरिता साह चौपाल और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बख्शी ने संयुक्त रूप से अंचलाधिकारी, छातापुर को एक एक-सूत्री मांग पत्र सौंपा।

मांग पत्र में इन पंचायतों में श्मशान घाट निर्माण हेतु उपयुक्त सरकारी भूमि की जल्द चिन्हित कर आवंटन करने की मांग प्रमुखता से की गई है।इस अवसर पर अभिभावक शालिग्राम पांडेय भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कई पंचायतों में श्मशान घाट के अभाव में अंतिम संस्कार में ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि शीघ्र कार्रवाई कर जनहित में इस आवश्यक सुविधा को उपलब्ध कराया जाए।स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अंचल प्रशासन इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय करेगा।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले