पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को दिलाया नशामुक्त भारत का संकल्प, विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान - शासकीय कार्य में बाधा, थाना चांपा पुलिस की सख्त कार्यवाही 02 आरोपी गिरफ्तार - सावन के पहले सोमवार को लेकर प्रशासन अलर्ट, - प्राथमिक विद्यालय से मध्याह्न भोजन का खाद्यान्न गायब, - गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर,तटवर्ती गांवों में घुसा पानी, प्रशासन मुस्तैदपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को दिलाया नशामुक्त भारत का संकल्प, विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान - शासकीय कार्य में बाधा, थाना चांपा पुलिस की सख्त कार्यवाही 02 आरोपी गिरफ्तार - सावन के पहले सोमवार को लेकर प्रशासन अलर्ट, - प्राथमिक विद्यालय से मध्याह्न भोजन का खाद्यान्न गायब, - गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर,तटवर्ती गांवों में घुसा पानी, प्रशासन मुस्तैद

भारी बारिश से कच्चा मकान गिरा, पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत

चंदौली। जनपद के बबुरी थाना क्षेत्र के एक गांव मे बुधवार को दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार देर रात की है, जब लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर पड़ा, जिसमें घर के भीतर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, October 2, 2025

चंदौली। जनपद के बबुरी थाना क्षेत्र के एक गांव मे बुधवार को दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार देर रात की है, जब लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर पड़ा, जिसमें घर के भीतर सो रहे दो लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।

विदित हो कि मृतकों की पहचान शिव मूरत (उम्र लगभग 65 वर्ष) और उनके पुत्र जय हिंद (उम्र लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों रात के समय अपने कच्चे मकान में सो रहे थे कि अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। आवाज सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।

ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बबुरी थाना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबे से शवों को बाहर निकाला। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, मकान बहुत पुराना और जर्जर हालत में था।

लगातार हो रही बारिश के चलते उसकी दीवारें पहले से ही कमजोर हो चुकी थीं। प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की जा रही है। यह घटना न केवल प्राकृतिक आपदा की भयावहता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में जर्जर मकानों की स्थिति और उनके प्रति प्रशासन की अनदेखी को भी उजागर करती है। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में तत्परता और राहत की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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