ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़। - धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कुंवर विश्वास का बड़ा बयान, छात्रों के साथ हर मोर्चे पर रहने का वादा - भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष) की सबली गांव में किसानों की हुई महापंचायत - एम्स में सर्जिकल कौशल को बेहतर बनाने के लिए लाइव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला का हुआ आयोजन - कराटे एसोसिएशन रायबरेली द्वारा येलो बेल्ट प्रमोशन टेस्ट सम्पन्नऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़। - धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कुंवर विश्वास का बड़ा बयान, छात्रों के साथ हर मोर्चे पर रहने का वादा - भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष) की सबली गांव में किसानों की हुई महापंचायत - एम्स में सर्जिकल कौशल को बेहतर बनाने के लिए लाइव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कार्यशाला का हुआ आयोजन - कराटे एसोसिएशन रायबरेली द्वारा येलो बेल्ट प्रमोशन टेस्ट सम्पन्न

चाँदा बाजार की नालियों में बह रहा सिस्टम! नेशनल हाईवे किनारे गंदगी का अंबार,, प्रधान खामोश

सुल्तानपुर रिपोर्ट-मनोज कुमार सुल्तानपुर । जनपद के चाँदा बाजार स्थित नेशनल हाईवे किनारे बनी नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं। महीनों से न तो इनकी सफाई हुई है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी य ग्राम प्रधान मौके पर दिखाई दिया है। बारिश में ये नालियां

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, November 5, 2025

सुल्तानपुर रिपोर्ट-मनोज कुमार

सुल्तानपुर । जनपद के चाँदा बाजार स्थित नेशनल हाईवे किनारे बनी नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं। महीनों से न तो इनकी सफाई हुई है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी य ग्राम प्रधान मौके पर दिखाई दिया है। बारिश में ये नालियां उफान मारने लगती हैं और गंदा पानी सड़कों पर बहता है,जिससे आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, लेकिन प्रधान जी मौन साधे हुए हैं। न कोई निरीक्षण, न सफाई और न ही कोई जवाब देही।जनता का प्रधान से सीधा सवाल-क्या सफाई सिर्फ फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया तक सीमित रह गई है क्या हाईवे के किनारे की बदबूदार नालियों को देखकर भी आपको शर्म नहीं आती आपने कब आखिरी बार यहां झांक कर देखा था क्या जनता की सेहत और सफाई आपकी प्राथमिकता नहीं है।

जनता की मांग:तुरंत अभियान चलाकर नालियों की सफाई कराई जाए ग्राम प्रधान और सफाई विभाग की जिम्मेदारी तय हो नियमित निगरानी और सफाई शेड्यूल बनाया जाए अब सवाल यह है कि क्या प्रधान जी कुर्सी से उतरकर ज़मीन पर आएंगे या फिर जनता खुद जवाब लेना सीखेगी?

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