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नांग पंचमी पर बच्चों ने परंपरागत तरीके से मनाया गुड़िया त्योहार

सुल्तानपुर रिपोर्ट गुरू प्रसाद पांडेय सुल्तानपुर । सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बौरा जगदीशपुर में नरायन तालाब में बालिकाओ ने गुड़िया फेंक और बालकों ने गुड़िया पीट कर परमपराओ के अनुसार खुशी जाहिर किया। कहते हैं कि नांग पंचमी के दिन गुड़िया मनाने की परंपरा

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, November 22, 2025

सुल्तानपुर रिपोर्ट गुरू प्रसाद पांडेय

सुल्तानपुर । सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बौरा जगदीशपुर में नरायन तालाब में बालिकाओ ने गुड़िया फेंक और बालकों ने गुड़िया पीट कर परमपराओ के अनुसार खुशी जाहिर किया। कहते हैं कि नांग पंचमी के दिन गुड़िया मनाने की परंपरा जिसे गुड़िया पर्व भी कहा जाता है। भाई बहन के प्यार और न्याय से जुडी एक कहानी से सम्बंधित है कहा कि एक लडकी द्वारा अनजाने में सांप की हत्या करने पर प्रायश्चित के रूप में गुड़िया बनाकर कर पीटा गया था। यह परम्परा सांपो की रक्षा के महत्व को याद दिलाने के लिए निभाई जाती है।

महाभारत में जन्मेजय के नाग यज्ञ की कहानी है जिसके मुताबिक जन्मेजय के नागयज्ञ के दौरान बडें बडें विकराल नांग अग्नि कुंड में जलने लगे। उस समय आस्तिक नामक ब्रह्मण सर्प यज्ञ रोक कर नागों की रक्षा की थी यह पंचमी की तिथि थी इसी के बाद यह नांग पंचमी मनाई जाने लगी। बच्चों ने चने खाकर खुशियां मनाई।

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