राष्ट्रीय महामंत्री राजू अग्रवाल की मौजूदगी में ‘विश्व सनातन संसद’ और ‘एक करोड़ Gen-Z जागरूकता दूत’ अभियान पर चर्चा
लखनऊ। विश्व हिन्दू रक्षा परिषद (VHRP) की ओर से लखनऊ में आयोजित धर्म संसद में 21 देशों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में सनातन संस्कृति और धार्मिक विषयों के साथ-साथ युवा शक्ति, महिला एवं बालिका सुरक्षा, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल जागरूकता और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। धर्म संसद में विभिन्न विषयों को लेकर कई प्रस्ताव भी रखे गए।
धर्म संसद में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री राजू अग्रवाल की भी प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों और विभिन्न सामाजिक अभियानों को लेकर चर्चा की गई।
धर्म संसद की प्रमुख घोषणाओं में गोपाल राय को पुनः विश्व हिन्दू रक्षा परिषद का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना रहा। परिषद के अनुसार, 21 देशों से आए प्रतिनिधियों ने गोपाल राय को संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
मथुरा जन्मभूमि को लेकर प्रस्ताव
अयोध्या और काशी के बाद मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा धर्म संसद में प्रमुखता से उठा। परिषद की ओर से इस विषय पर प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस मामले में आगे की गतिविधियां संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से की जाएंगी।
ब्रज क्षेत्र को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए ‘कृष्णभूमि-ब्रज संरक्षण अभियान’ शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। परिषद के अनुसार अभियान के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।

एक करोड़ Gen-Z जागरूकता दूत जोड़ने का लक्ष्य
धर्म संसद में डिजिटल युग में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। परिषद ने ‘एक करोड़ Gen-Z जागरूकता दूत’ जोड़ने का अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत युवाओं को सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल, साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और समाजसेवा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’
महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर धर्म संसद में ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’ का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत शोषण की शिकार बालिकाओं को काउंसलिंग, कानूनी मार्गदर्शन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात कही गई।
महिलाओं को सामाजिक सेवा और जागरूकता अभियानों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘नारायणी सेवा वाहिनी’ के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया।
हर जिले में एंटी-धर्मांतरण सहायता कॉल सेंटर का प्रस्ताव
धर्मांतरण से जुड़े मामलों में सहायता और जागरूकता के लिए सभी जिलों में ‘एंटी-धर्मांतरण सहायता कॉल सेंटर’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। परिषद के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को जानकारी, कानूनी मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
‘विश्व सनातन संसद’ के गठन की पहल
धर्म संसद में ‘विश्व सनातन संसद’ के गठन का प्रस्ताव भी सामने आया। इसके माध्यम से विभिन्न देशों में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही गई।
UCC और धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर भी प्रस्ताव
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी धर्म संसद में प्रस्ताव रखा गया। परिषद ने ‘घर-घर दस्तक’ और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोगों को UCC से संबंधित प्रावधानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के प्रति जागरूक करने की बात कही।
इसके अलावा धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने तथा उनके आसपास मांस एवं मदिरा की दुकानों के प्रतिबंध अथवा स्थानांतरण की मांग को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
धर्म संसद में वक्ताओं ने कहा कि संगठन की प्राथमिकताएं केवल धार्मिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेंगी। युवा, महिला सुरक्षा, शिक्षा, सामाजिक सेवा, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषय भी संगठन के आगामी अभियानों का हिस्सा होंगे। 21 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े विषयों पर अंतरराष्ट्रीय संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।




