तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से डाक कांवड़िया की मौत,हाईवे पर किलोमीटरों तक लंबा जाम, - काल बनकर आया ट्रक मंजिल से चंद कदम दूर छिन गईं जगरसाय की सांसें छाल पुलिस की सतर्कता से आरोपी वाहन चालक दबोचा गया - विकास कार्यों को गति देने में जुटे ग्राम विकास अधिकारी अवनीश कुमार - स्कूल जाते समय साइकिल का हैंडल सीने में घुसा, नौवीं का छात्र गंभीर रूप से घायल - जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह के निर्देश पर जनपद के 05 वाईब्रेंट ग्रामों में हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से डाक कांवड़िया की मौत,हाईवे पर किलोमीटरों तक लंबा जाम, - काल बनकर आया ट्रक मंजिल से चंद कदम दूर छिन गईं जगरसाय की सांसें छाल पुलिस की सतर्कता से आरोपी वाहन चालक दबोचा गया - विकास कार्यों को गति देने में जुटे ग्राम विकास अधिकारी अवनीश कुमार - स्कूल जाते समय साइकिल का हैंडल सीने में घुसा, नौवीं का छात्र गंभीर रूप से घायल - जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह के निर्देश पर जनपद के 05 वाईब्रेंट ग्रामों में हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

“शिक्षकों की कमी से जूझता आत्मानंद स्कूल, छात्रों ने उठाया भूख हड़ताल का कदम”

रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व छात्र और स्थानीय युवा भूख हड़ताल पर, 10वीं-12वीं की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, August 13, 2026

पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र

घरघोड़ा, 13 अगस्त 2026।
घरघोड़ा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल में लंबे समय से बनी अव्यवस्थाएं अब खुलकर सामने आ गई हैं। शिक्षकों और आवश्यक स्टाफ की कमी से जूझ रहे इस प्रतिष्ठित संस्थान में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने पर आखिरकार विरोध की चिंगारी भड़क उठी। पूर्व छात्रों और स्थानीय युवाओं ने बुधवार से विद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जिसमें “शिक्षा का अधिकार” और “रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती” की मांग जोर-शोर से उठाई गई।

विद्यालय में स्टाफ की कमी अब सामान्य समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था के चरमराने का संकेत बन चुकी है। प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दो शिक्षकों के पद स्वीकृत होने के बावजूद दोनों रिक्त हैं, जिसके कारण छोटे बच्चों की देखरेख शिक्षकों के बजाय सहायिकाओं के भरोसे हो रही है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। प्राथमिक खंड में प्रधान पाठक का पद खाली है, जबकि स्वीकृत पांच सहायक शिक्षकों में से केवल चार ही कार्यरत हैं। माध्यमिक खंड में भी एक प्रधान पाठक का पद रिक्त है और चार शिक्षकों की जगह तीन शिक्षक ही उपलब्ध हैं।

सबसे गंभीर असर हायर सेकेंडरी स्तर पर देखा जा रहा है। यहां गणित, राजनीति विज्ञान और व्यायाम जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं होने से 10वीं और 12वीं के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, जिससे उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था भी इससे अछूती नहीं है। विद्यालय में लेखापाल का पद स्वीकृत है, लेकिन अब तक भरा नहीं गया, जिसके कारण वित्तीय और कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कभी इस स्कूल की पहचान रही एनसीसी इकाई भी प्रशिक्षक के अभाव में निष्क्रिय हो चुकी है। छात्रों ने मांग रखी है कि पूर्व एनसीसी प्रशिक्षक की पुनः नियुक्ति कर इकाई को फिर से सक्रिय किया जाए।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी ने भी हालात को और जटिल बना दिया है। चार स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक कर्मचारी कार्यरत है, जिससे साफ-सफाई, पेयजल और अन्य दैनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।

विद्यालय का दो शिफ्ट में संचालन भी चुनौती बना हुआ है। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के कारण सुबह 7:45 बजे से शाम 5 बजे तक दो चरणों में कक्षाएं चलती हैं—पहली शिफ्ट में केजी से 8वीं और दूसरी में 9वीं से 12वीं तक। इतने लंबे समय तक संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ का अभाव व्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है।

आंदोलनरत छात्रों ने सात सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं, जिनमें सभी रिक्त पदों को तत्काल भरना, एनसीसी इकाई को पुनः सक्रिय करना और कला संकाय में नए विद्यार्थियों के प्रवेश को सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस घोषणा सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही इस पर विभागीय स्तर पर विचार किया जा सकता है।

अब यह देखना अहम होगा कि छात्रों की यह भूख हड़ताल प्रशासन को कितनी जल्दी जगाती है और क्या शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं, या फिर यह मुद्दा भी फाइलों तक सीमित रह जाएगा।

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