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20 साल के संघर्ष का असर! PWD के आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम, 15 अगस्त तक सड़क को चलने योग्य बनाने का वादा

15 अगस्त की डेडलाइन पर टिकी उम्मीदें, वादे पर खरा उतरने की चुनौती

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, August 1, 2026

पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र

लैलूंगा/रायगढ़। केशला-तोलगे सड़क की बदहाली को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहे ग्रामीणों का आंदोलन आखिरकार असर दिखाता नजर आया। शनिवार को केशला मोड़ (कुंजारा) में आयोजित चक्का जाम के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर 15 अगस्त तक सड़क की मरम्मत कर उसे आवागमन योग्य बनाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल अपना चक्का जाम समाप्त कर दिया।

करीब 20 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों ने कहा कि लगातार मांग और आंदोलन के बाद प्रशासन हरकत में आया है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सड़क संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।

PWD अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि 15 अगस्त तक सड़क की आवश्यक मरम्मत कर आवागमन सुचारु किया जाएगा, जबकि स्थायी सड़क निर्माण की दिशा में भी आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के इस आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने जनहित को देखते हुए चक्का जाम समाप्त करने की घोषणा की।

हालांकि आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि तय समय सीमा तक सड़क मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता पहले से भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 15 अगस्त पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या PWD अपना वादा निभाएगा या फिर ग्रामीणों का आंदोलन एक बार फिर सड़कों पर दिखाई देगा।

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