रायबरेली ब्यूरो।। 28 जुलाई 2026 को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एम्स रायबरेली द्वारा आंतरिक चिकित्सा विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम मेडिसिन ओपीडी परिसर में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल स्टाफ को हेपेटाइटिस तथा इसके निवारण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत संचालक द्वारा स्वागत संबोधन एवं आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के आमंत्रण के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि एवं संकाय सदस्यों का सम्मान किया गया। विभाग ने कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के मार्गदर्शन में हेपाटाइटिस के रोकथाम पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. नीरज कुमारी (डीन अकादमिक एवं विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी विभाग), डॉ. नीरज श्रीवास्तव (एएमएस एवं अपर प्रोफेसर, जनरल सर्जरी विभाग) एवम प्रो. डॉ. मधुकर मित्तल (आयोजन अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, आंतरिक चिकित्सा विभाग) उपस्थित रहे।
इसके बाद जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें मेडिसिन एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संकाय सदस्यों द्वारा विषय आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
मुख्य अतिथि प्रो. नीरज कुमारी एवं डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए जन जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग तथा निवारक उपायों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. श्वेता सिंह ने हेपेटाइटिस के निदानात्मक दृष्टिकोण पर प्रस्तुति दी, जिसमें आवश्यक जाँचों एवं प्रयोगशाला संबंधी पहलुओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
प्रो. मधुकर मित्तल ने अपने संबोधन में श्रोताओं को शीघ्र निदान, स्क्रीनिंग का महत्व, उचित उपचार एवं हेपेटाइटिस की रोकथाम के प्रति मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. प्रमोद कुमार ने हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकार, उसके संचरण के तरीके तथा नैदानिक लक्षणों पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. सागर सुभाष ननावरे ने हेपेटाइटिस के उपचार के सिद्धांतों एवं निवारक उपायों पर प्रकाश डाला, जिसमें संक्रमण के प्रसार को कम करने एवं रोग भार घटाने की रणनीतियाँ शामिल थीं।
कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव डॉ. मनु शर्मा द्वारा विश्व हेपेटाइटिस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन आंतरिक चिकित्सा विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. हर्ष परिहार एवं डॉ. दिव्या अग्रवाल द्वारा किया गया।




